हाल में कर्नाटक के पुलिस महानिदेशक ने डीजीपी प्रवीण सूद को केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई का अगला निदेशक नियुक्त किया गया। इस पद पर उनका कार्यकाल दो साल का होगा अर्थात वह सीबीआई के निदेशक के पद पर 2025 तक बने रहेंगे। ये सुबोध कुमार जैसवाल के 25 मई को कार्यकाल समाप्ति के बाद कार्यभार संभालेंगे। आपको बता दें कि मुंबई पुलिस के पूर्व आयुक्त जैसवाल ने मई 2021 में सीबीआई निदेशक का पद ग्रहण किया था। गौरतलब कि सीबीआई के अगले निदेशक का चयन करने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया था। समिति में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ और लोकसभा में विपक्ष के नेता अधीर रंजन चौधरी शामिल थे।
ये कर्नाटक कैडर के 1986 बैच के भारतीय पुलिस सेवा यानि आइपीएस अधिकारी हैं। सूद ने आईआईटी दिल्ली से
स्नातक की और 1986 में भारतीय पुलिस सेवा में शामिल हुए। 1989 में मैसूर के सहायक पुलिस अधीक्षक के रूप में अपने करियर की शुरुआत की। प्रवीण सूद का कानून प्रवर्तन में एक व्यापक करियर है। उन्होंने अपनी सेवा के दौरान विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। अब बात करें सीबीआई यानी केंद्रीय जांच ब्यूरो के बारे में तो ये भारत सरकार की एक प्रमुख्य जांच एजेंसी है जो भ्रष्टाचार, आर्थिक अपराध और आतंकवाद जैसे हाई प्रोफाइल मामलों से निपटने के लिए जिम्मेदार है। सीबीआई निदेशक संगठन के मामलों के प्रबंधन और इसकी स्वतंत्रता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। गौरतलब है कि सीबीआई निदेशक के लिए चयन प्रक्रिया अत्यधिक प्रतिस्पर्धी है और ये पद भारत की सिविल सेवा में सबसे अधिक मांग वाली पोस्टिंग में से एक है। सीबीआई निदेशक का कार्यकाल दो साल के कार्यकाल तक सीमित है, जिसे अधिकतम पाँच साल तक बढ़ाया जा सकता है। 2021 में दिल्ली विशेष पुलिस प्रतिष्ठान अधिनियम और सीबीआई अधिनियम में किए गए संशोधन के तहत निदेशक के कार्यकाल को सार्वजनिक हित में तीन साल तक एक साल में एक बार बढ़ाया जा सकता है।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें