हाल में केंद्रीय ग्रामीण विकास पंचायती राज मंत्री गिरिराज सिंह ने लखनऊ में समर्थ अभियान यह समर्थ कैम्पेन शुभारंभ किया। इसका उद्देश्य ग्राम पंचायत स्तर पर डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देना है। ये फरवरी 2023 शुरू हुआ 15 अगस्त 2023 तक आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत जारी रहेगा। ये अभियान विशेष रूप से महिलाओं पर ध्यान केन्द्रित करता है। इसके तहत 50,000 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा दिया जाएगा। इस अवसर पर ग्रामीण विकास मंत्रालय की दीनदयाल अंत्योदय योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन यानि डीएवाई, एनआरएलएम के अंतर्गत इसके द्वारा हासिल की गई उपलब्धियों के बारे में भी जानकारी दी गयी। साथ ही उन्होंने बैंकों से एसएचजी दीदीयों के उत्कृष्ट क्रेडिट प्रदर्शन को पहचानने और शानदार प्रदर्शन के लिए सुविधा प्रदान करने को कहा। इस कार्यक्रम में बीसी सखियों के 75 प्रेरणादायक कहानी सार संग्रह का अनावरण भी किया गया। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गांवों में बनाये जा रहे डिजिटल ग्राम सचिवालयों में प्रत्येक में बैंक सचिव की सेवाएं देने का प्रावधान होगा। ये बदलाव भारत के गांवों में महिलाओं के सशक्तिकरण में मदद कर रहा है। गौरतलब है कि अकेले उत्तर प्रदेश में बीसी सखियों द्वारा 5,57,00,000 लेनदेन करके डिजिटल परिवर्तन लाया गया है।
हाल में केंद्रीय ग्रामीण विकास पंचायती राज मंत्री गिरिराज सिंह ने लखनऊ में समर्थ अभियान यह समर्थ कैम्पेन शुभारंभ किया। इसका उद्देश्य ग्राम पंचायत स्तर पर डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देना है। ये फरवरी 2023 शुरू हुआ 15 अगस्त 2023 तक आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत जारी रहेगा। ये अभियान विशेष रूप से महिलाओं पर ध्यान केन्द्रित करता है। इसके तहत 50,000 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा दिया जाएगा। इस अवसर पर ग्रामीण विकास मंत्रालय की दीनदयाल अंत्योदय योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन यानि डीएवाई, एनआरएलएम के अंतर्गत इसके द्वारा हासिल की गई उपलब्धियों के बारे में भी जानकारी दी गयी। साथ ही उन्होंने बैंकों से एसएचजी दीदीयों के उत्कृष्ट क्रेडिट प्रदर्शन को पहचानने और शानदार प्रदर्शन के लिए सुविधा प्रदान करने को कहा। इस कार्यक्रम में बीसी सखियों के 75 प्रेरणादायक कहानी सार संग्रह का अनावरण भी किया गया। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गांवों में बनाये जा रहे डिजिटल ग्राम सचिवालयों में प्रत्येक में बैंक सचिव की सेवाएं देने का प्रावधान होगा। ये बदलाव भारत के गांवों में महिलाओं के सशक्तिकरण में मदद कर रहा है। गौरतलब है कि अकेले उत्तर प्रदेश में बीसी सखियों द्वारा 5,57,00,000 लेनदेन करके डिजिटल परिवर्तन लाया गया है।
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