हाल ही में मध्यप्रदेश सरकार ने अनूठी मुख्यमंत्री लाडली बहनें योजना लॉन्च की है। इसका उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। मुख्यमंत्री ने इलेक्ट्रॉनिक प्रक्रिया के जरिए महिलाओं के बैंक खातों में प्रत्येक को 1000 का स्थानांतरित कर इसकी शुरुआत की। आपको बता दें कि मध्यप्रदेश में महिलाओं व बालिकाओं के लिए तीसरी योजना है। इससे पहले यहां मुख्यमंत्री लाडली लक्ष्मी योजना व मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना शुरू की जा चुकी है। अब बात करें मुख्यमंत्री लाडली बहनों योजना की तो इस योजना की घोषणा 5 मार्च 2023 को की गई थी। इसके तहत प्रत्येक महिला को 1000 प्रतिमाह दिए जाएंगे। भविष्य में इस राशि को बढ़ाया जाएगा। योजना के पहले वर्ष में राज्य सरकार 15,000 करोड़ रुपए खर्च करेगी। इसकी पात्रता की बात करें तो इसे 60 वर्ष की आयु की महिलाएं जिनके पास पाँच एकड़ से कम भूमि या वार्षिक आय ढाई लाख रुपए से कम है। इसके पात्र होंगी। आवेदन करने के लिए आवेदकों को आय प्रमाण पत्र स्थायी निवास प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं है। केवल समग्र आईडी और आधार कार्ड के आधार पर आवेदन किया जा सकेगा। इसके लिए कर्मचारी को एक टीम राज्य के हर गांव और वार्ड में जाकर महिलाओं को फार्म भरने में मदद करेगी। राज्य सरकार ने महिलाओं की मदद के लिए एक फोन नंबर 181 भी जारी किया है। इसके अलावा महिला सशक्तिकरण और सुरक्षा के लिए लाडली बहन आर्मी भी गठित की गई है। ये सेना महिलाओं को सुरक्षा प्रदान करने और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में मदद करेगी।इस योजना के जरिए सरकार का लक्ष्य राज्य की 1 करोड़ महिलाओं तक पहुँचना है।
हाल ही में मध्यप्रदेश सरकार ने अनूठी मुख्यमंत्री लाडली बहनें योजना लॉन्च की है। इसका उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। मुख्यमंत्री ने इलेक्ट्रॉनिक प्रक्रिया के जरिए महिलाओं के बैंक खातों में प्रत्येक को 1000 का स्थानांतरित कर इसकी शुरुआत की। आपको बता दें कि मध्यप्रदेश में महिलाओं व बालिकाओं के लिए तीसरी योजना है। इससे पहले यहां मुख्यमंत्री लाडली लक्ष्मी योजना व मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना शुरू की जा चुकी है। अब बात करें मुख्यमंत्री लाडली बहनों योजना की तो इस योजना की घोषणा 5 मार्च 2023 को की गई थी। इसके तहत प्रत्येक महिला को 1000 प्रतिमाह दिए जाएंगे। भविष्य में इस राशि को बढ़ाया जाएगा। योजना के पहले वर्ष में राज्य सरकार 15,000 करोड़ रुपए खर्च करेगी। इसकी पात्रता की बात करें तो इसे 60 वर्ष की आयु की महिलाएं जिनके पास पाँच एकड़ से कम भूमि या वार्षिक आय ढाई लाख रुपए से कम है। इसके पात्र होंगी। आवेदन करने के लिए आवेदकों को आय प्रमाण पत्र स्थायी निवास प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं है। केवल समग्र आईडी और आधार कार्ड के आधार पर आवेदन किया जा सकेगा। इसके लिए कर्मचारी को एक टीम राज्य के हर गांव और वार्ड में जाकर महिलाओं को फार्म भरने में मदद करेगी। राज्य सरकार ने महिलाओं की मदद के लिए एक फोन नंबर 181 भी जारी किया है। इसके अलावा महिला सशक्तिकरण और सुरक्षा के लिए लाडली बहन आर्मी भी गठित की गई है। ये सेना महिलाओं को सुरक्षा प्रदान करने और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में मदद करेगी।इस योजना के जरिए सरकार का लक्ष्य राज्य की 1 करोड़ महिलाओं तक पहुँचना है।

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