हाल में चेन्नई और श्रीलंका के बीच पहली क्रूज़ सेवा का आरंभ किया गया और इसी के साथ ही देश में क्रूज पर्यटन क्षेत्र में एक नए अध्याय की शुरुआत हो गई। केन्द्र पत्तन पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री ने चेन्नई में भारत के पहले अंतरराष्ट्रीय क्रूज जहाज को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस क्रूज का नाम है एमवी एम्प्रेस। यह श्रीलंका के तीन बंदरगाहों, हम्बनटोटा, त्रिंकोमाली और कनके कन्तूर तक जाएगा। इस अंतरराष्ट्रीय क्रूज पर्यटन टर्नल को ₹17.21 करोड़ की लागत से तैयार किया गया है। ये सेवा 2022 में पहले अतुल्य भारत अंतरराष्ट्रीय क्रू सम्मेलन के दौरान चेन्नई बंदरगाह और मैसर्स वाटरवेज एंड लीजर टूरिजम प्राइवेट लिमिटेड के बीच घरेलू और अंतरराष्ट्रीय क्रूज सेवा शुरू करने के लिए सहमति ज्ञापन का परिणाम है। चेन्नई बंदरगाह पर विकसित आधुनिक क्रूज टर्मिनल दो हज़ार 880 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैला है। एक समय में ये 3000 यात्री की मेजबानी करने में सक्षम है और 2013 में क्रूज जहाज की संख्या 208 से बढ़कर 2030 तक 500 और 2047 तक 1100 पहुंचने की उम्मीद है।
हाल में चेन्नई और श्रीलंका के बीच पहली क्रूज़ सेवा का आरंभ किया गया और इसी के साथ ही देश में क्रूज पर्यटन क्षेत्र में एक नए अध्याय की शुरुआत हो गई। केन्द्र पत्तन पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री ने चेन्नई में भारत के पहले अंतरराष्ट्रीय क्रूज जहाज को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस क्रूज का नाम है एमवी एम्प्रेस। यह श्रीलंका के तीन बंदरगाहों, हम्बनटोटा, त्रिंकोमाली और कनके कन्तूर तक जाएगा। इस अंतरराष्ट्रीय क्रूज पर्यटन टर्नल को ₹17.21 करोड़ की लागत से तैयार किया गया है। ये सेवा 2022 में पहले अतुल्य भारत अंतरराष्ट्रीय क्रू सम्मेलन के दौरान चेन्नई बंदरगाह और मैसर्स वाटरवेज एंड लीजर टूरिजम प्राइवेट लिमिटेड के बीच घरेलू और अंतरराष्ट्रीय क्रूज सेवा शुरू करने के लिए सहमति ज्ञापन का परिणाम है। चेन्नई बंदरगाह पर विकसित आधुनिक क्रूज टर्मिनल दो हज़ार 880 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैला है। एक समय में ये 3000 यात्री की मेजबानी करने में सक्षम है और 2013 में क्रूज जहाज की संख्या 208 से बढ़कर 2030 तक 500 और 2047 तक 1100 पहुंचने की उम्मीद है।
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