विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के प्रमुख डॉ. टेड्रोस घेब्रेयसस ने हाल ही में एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान दुनिया को अगली वैश्विक महामारी के लिए तैयार रहने की चेतावनी दी है। WHO प्रमुख के अनुसार आने वाली वैश्विक महामारी कोविड- 19 (कोरोना) से भी ज्यादा खतरनाक हो सकती है। WHO द्वारा आने वाली इस महामारी को DISEASE X नाम दिया गया है। WHO के अनुसार DISEASE X एक ऐसी गंभीर अंतर्राष्ट्रीय रोगजनक महामारी हो सकती है, जो वर्तमान में मानव रोग का कारण नहीं है। DISEASE X किसी ज्ञात वायरस, जीवाणु या कवक द्वारा या फिर किसी नए अज्ञात एजेंट द्वारा फैल सकती है, जिसका कोई उपचार नहीं होगा। कई विशेषज्ञों का दावा है कि अगली वैश्विक महामारी DISEASE X, इबोला और कोविड-19 की तरह जूनोटिक बीमारी हो सकती है। WHO के अनुसार जानवरों के प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संपर्क में आने से मनुष्यों में होने वाले रोग या संक्रमण को जूनोटिक बीमारी कहते हैं। जूनोटिक संचरण किसी भी प्रकार के जानवर, पालतू या जंगली जानवर से फैल सकता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के प्रमुख डॉ. टेड्रोस घेब्रेयसस ने हाल ही में एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान दुनिया को अगली वैश्विक महामारी के लिए तैयार रहने की चेतावनी दी है। WHO प्रमुख के अनुसार आने वाली वैश्विक महामारी कोविड- 19 (कोरोना) से भी ज्यादा खतरनाक हो सकती है। WHO द्वारा आने वाली इस महामारी को DISEASE X नाम दिया गया है। WHO के अनुसार DISEASE X एक ऐसी गंभीर अंतर्राष्ट्रीय रोगजनक महामारी हो सकती है, जो वर्तमान में मानव रोग का कारण नहीं है। DISEASE X किसी ज्ञात वायरस, जीवाणु या कवक द्वारा या फिर किसी नए अज्ञात एजेंट द्वारा फैल सकती है, जिसका कोई उपचार नहीं होगा। कई विशेषज्ञों का दावा है कि अगली वैश्विक महामारी DISEASE X, इबोला और कोविड-19 की तरह जूनोटिक बीमारी हो सकती है। WHO के अनुसार जानवरों के प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संपर्क में आने से मनुष्यों में होने वाले रोग या संक्रमण को जूनोटिक बीमारी कहते हैं। जूनोटिक संचरण किसी भी प्रकार के जानवर, पालतू या जंगली जानवर से फैल सकता है।
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