विश्व दुग्ध दिवस के अवसर पर 1 और 2 जून को केंद्रीय मत्स्य, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय द्वारा दो दिवसीय बैठक का आयोजन किया जा रहा है। जम्मू & कश्मीर के श्रीनगर में आयोजित की जा रही इस बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय पशुपालन मंत्री पुरुषोत्तम रुपाला द्वारा की जायेगी। बैठक का उद्देश्य दूध के पोषण मूल्य और इसके लाभों के बारे में जागरूकता बढ़ाने और डेयरी किसानों के योगदान को पहचानने के साथ ही सार्थक चर्चा द्वारा विचारों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना है। केंद्रीय मंत्री इस दौरान “फीडिंग द फ्यूचर: फाइव डेज ऑफ एक्शन फॉर फीड एंड फोरडर एंड ट्रेनिंग ऑफ ए-हेल्प" अभियान का शुभारंभ करेंगे। संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन (FAO) द्वारा हर साल 1 जून को विश्व दुग्ध दिवस के रूप में मनाया जाता है। विश्व दुग्ध दिवस मनाने का उद्देश्य वैश्विक भोजन के रूप में दूध के महत्व को स्वीकार करना और डेयरी क्षेत्र को प्रोत्साहन देना है। वर्ष 2001 से विश्व दुग्ध दिवस को हर साल 1 जून को मनाया जाता है।
विश्व दुग्ध दिवस के अवसर पर 1 और 2 जून को केंद्रीय मत्स्य, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय द्वारा दो दिवसीय बैठक का आयोजन किया जा रहा है। जम्मू & कश्मीर के श्रीनगर में आयोजित की जा रही इस बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय पशुपालन मंत्री पुरुषोत्तम रुपाला द्वारा की जायेगी। बैठक का उद्देश्य दूध के पोषण मूल्य और इसके लाभों के बारे में जागरूकता बढ़ाने और डेयरी किसानों के योगदान को पहचानने के साथ ही सार्थक चर्चा द्वारा विचारों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना है। केंद्रीय मंत्री इस दौरान “फीडिंग द फ्यूचर: फाइव डेज ऑफ एक्शन फॉर फीड एंड फोरडर एंड ट्रेनिंग ऑफ ए-हेल्प" अभियान का शुभारंभ करेंगे। संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन (FAO) द्वारा हर साल 1 जून को विश्व दुग्ध दिवस के रूप में मनाया जाता है। विश्व दुग्ध दिवस मनाने का उद्देश्य वैश्विक भोजन के रूप में दूध के महत्व को स्वीकार करना और डेयरी क्षेत्र को प्रोत्साहन देना है। वर्ष 2001 से विश्व दुग्ध दिवस को हर साल 1 जून को मनाया जाता है।
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