हर साल परमाणु परीक्षण के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय दिवस 29 अगस्त को मनाया जाता है। बता दें कि इस दिवस की घोषणा 2 दिसंबर, 2009 को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 64 वें सत्र में की गई थी। इसलिए 2010 में पहली बार परमाणु परीक्षण के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय दिवस मनाया गया। इस दिवस का उद्देश्य परमाणु हथियार परीक्षण और किसी भी अन्य परमाणु विस्फोट के प्रभावों के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। आपको बता दें कि इस दिन की शुरुआत कजाकिस्तान गणराज्य द्वारा की गई थी। 1991 में इसी तारीख को सेमिपालाटिंस्क परमाणु परीक्षण स्थल के बंद होने के उपलक्ष्य में इस दिवस के लिए 29 अगस्त को चुना गया। गौरतलब है कि परमाणु हथियारों के परीक्षण को खत्म करने का मुख्य तंत्र 'व्यापक परमाणु परीक्षण-प्रतिबंध संधि' है। इसे संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 10 सितंबर, 1996 को अपनाया गया था। आज तक, 186 देशों ने इस संधि पर हस्ताक्षर किए हैं और 178 देशों ने इसकी पुष्टि की है। भारत ने अभी तक इस पर हस्ताक्षर नहीं किये हैं।
हर साल परमाणु परीक्षण के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय दिवस 29 अगस्त को मनाया जाता है। बता दें कि इस दिवस की घोषणा 2 दिसंबर, 2009 को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 64 वें सत्र में की गई थी। इसलिए 2010 में पहली बार परमाणु परीक्षण के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय दिवस मनाया गया। इस दिवस का उद्देश्य परमाणु हथियार परीक्षण और किसी भी अन्य परमाणु विस्फोट के प्रभावों के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। आपको बता दें कि इस दिन की शुरुआत कजाकिस्तान गणराज्य द्वारा की गई थी। 1991 में इसी तारीख को सेमिपालाटिंस्क परमाणु परीक्षण स्थल के बंद होने के उपलक्ष्य में इस दिवस के लिए 29 अगस्त को चुना गया। गौरतलब है कि परमाणु हथियारों के परीक्षण को खत्म करने का मुख्य तंत्र 'व्यापक परमाणु परीक्षण-प्रतिबंध संधि' है। इसे संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 10 सितंबर, 1996 को अपनाया गया था। आज तक, 186 देशों ने इस संधि पर हस्ताक्षर किए हैं और 178 देशों ने इसकी पुष्टि की है। भारत ने अभी तक इस पर हस्ताक्षर नहीं किये हैं।
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