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गुरुवार, 21 सितंबर 2023

नई समुद्री टार्डिग्रेड प्रजाति की खोज

tardigrades

हाल ही में कोचीन यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के शोधकर्ताओं ने समुद्री टार्डिग्रेड की एक नई प्रजाति की पहचान की है। खोजी गई नई प्रजाति, जीनस बैटिलिप्स से संबंधित है। इसे बैटिलिप्स कलामी नाम दिया गया है। इसका यह नाम भूतपूर्व राष्ट्रपति और वैज्ञानिक डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के नाम पर रखा गया है, क्योंकि यह खोज उनके मूल स्थान रामेश्वरम के करीब हुई। यह खोज दक्षिण-पूर्व तमिलनाडु के मंडपम से की गई है। इसके साथ ही यह भारतीय जल क्षेत्र से खोजा जाने वाला दूसरा समुद्री टार्डिग्रेड है, जबकि पूर्वी तट से खोजा जाने वाला पहला है। भारत की पहली समुद्री टार्डिग्रेड प्रजाति की खोज 2021 में केरल के वडकारा में की गई थी, जिसे स्टाइगारक्टस केरालेंसिस नाम दिया गया था। यह भारत की जीनस बैटिलिप्स से संबंधित पहली वर्गीकरणीय रूप से वर्णित प्रजाति है। बैटिलिप्स कलामी जीनस बैटिलिप्स की 37वीं प्रजाति है। बैटिलिप्स कलामी की लंबाई औसतन 170 माइक्रोमीटर व चौड़ाई क़रीब 50 माइक्रोमीटर है। इसमें एक ट्रेपेज़ॉइड आकार का सिर होता है, जिसमें नुकीले सिरे वाले फिलामेंट जैसे उपांग फैले होते हैं। इसके सभी चार जोड़े पैरों में अलग-अलग लंबाई की संवेदी रीढ़ होती है। इससे संबंधित शोध ज़ूटाक्सा जर्नल में प्रकाशित किया गया।

जाने टार्डिग्रेड्स के बारे में 

यह बेहद छोटे जीव होते हैं, जिनका आकार माइक्रोमीटर में मापा जाता है। यह अपने असाधारण लचीलेपन और जीवित रहने की प्रवृत्ति के लिए जाने जाते हैं। मादाएँ, नर की तुलना में थोड़ी बड़ी होती हैं। इसकी समुद्री प्रजातियाँ अपने स्थलीय समकक्षों की तुलना में छोटी होती हैं और उन्हें पहचानना भी कठिन होता है। पानी में रहने वाले ये जीव 'जल भालू' के नाम से भी जाने जाते हैं।

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