हाल ही में पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने ग्रीन क्रेडिट प्रोग्राम (GCP) और ईकोमार्क योजना के लिए अधिसूचना जारी की। ये टिकाऊ जीवन शैली और पर्यावरण संरक्षण को प्रोत्साहन प्रदान करने के लिए LiFE (लाइफस्टाइल फॉर एनवायरनमेंट) अभियान को आगे बढ़ाएंगी। ग़ौरतलब है कि प्रधानमंत्री द्वारा LiFE अभियान की घोषणा 2021 में की गई थी। बता दें कि 'ग्रीन क्रेडिट' का अर्थ किसी निर्दिष्ट गतिविधि हेतु प्रदान की जाने वाली प्रोत्साहन की एकल इकाई से है, जिसका पर्यावरण पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
ग्रीन क्रेडिट प्रोग्राम
यह एक अभिनव बाज़ार-आधारित व्यवस्था है। इसका मक़सद, स्वैच्छिक पर्यावरणीय गतिविधियों को प्रोत्साहन प्रदान करना है। इसे व्यक्तियों, समुदायों, निजी क्षेत्र के उद्योगों व कंपनियों आदि हितधारकों द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में स्वैच्छिक पर्यावरणीय कार्यों को प्रोत्साहित करने हेतु डिज़ाइन किया गया है। यह एक ऐसे तंत्र के रूप में है, जो घरेलू कार्बन बाज़ार के पूरक के रूप में कार्य करता है। इस योजना का कार्यान्वयन पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के अधीन स्वायत्त परिषद भारतीय वानिकी अनुसंधान और शिक्षा परिषद (ICFRE) द्वारा किया जाएगा। साथ ही यह इस प्रोग्राम के प्रशासक के रूप में कार्य करेगा और कार्यक्रम कार्यान्वयन, प्रबंधन, निगरानी और संचालन के लिए ज़िम्मेदार होगा।
ईकोमार्क योजना
इस योजना को LIFE दृष्टिकोण के अनुरूप पुनः जारी किया है जो पिछली अधिसूचना का स्थान लेती है। इसका मक़सद पर्यावरण-अनुकूल उत्पादों को प्रोत्साहन प्रदान करना है। यह घरेलू और उपभोक्ता उत्पादों के लिए मान्यता और लेबलिंग प्रदान करती है। इस योजना के अंतर्गत मान्यता प्राप्त उत्पाद न्यूनतम पर्यावरणीय प्रभाव सुनिश्चित करते हुए विशिष्ट पर्यावरणीय मानदंडों का पालन करेंगे। यह पर्यावरणीय मुद्दों के प्रति उपभोक्ताओं में जागरूकता उत्पन्न कर पर्यावरण के प्रति जागरूक विकल्पों को प्रोत्साहित करेगी। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के साथ साझेदारी में ईकोमार्क योजना का संचालन करता है, जो मानकों व प्रमाणन हेतु राष्ट्रीय निकाय है।
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