11 से 12 अक्तूबर तक भारतीय नौसेना द्वारा अभ्यास सागर कवच (Sagar Kavach) का आयोजन किया गया। यह दो दिवसीय व्यापक तटीय सुरक्षा अभ्यास है, जिसमें आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में सभी समुद्री सुरक्षा एजेंसियाँ शामिल रहीं। अभ्यास का उद्देश्य : समुद्र के खतरे से निपटने के दौरान तटीय सुरक्षा तंत्र की प्रभावशीलता और सुदृढ स्थिति का आकलन करना है। अभ्यास में भारतीय नौसेना, तटरक्षक बल, राज्य/कें. शा.प्र, समुद्री पुलिस, मत्स्य पालन आदि के लगभग 2500 कर्मी शामिल हुए। इस अभ्यास की विशाखापत्तनम के संयुक्त संचालन केंद्र (पूर्व) में सूक्ष्म निगरानी की गई। यह संचालन के क्षेत्र में सभी तटीय सुरक्षा अभियानों और अभ्यासों के लिए नोडल केंद्र है। यह अभ्यास सभी तटीय सुरक्षा हितधारकों के बीच घनिष्ठ समन्वय और तालमेल प्रदर्शित करता है। इस अभ्यास से प्राप्त परिणामों का उपयोग तटीय सुरक्षा को सुदृढ बनाने हेतु किया जाता है। बता दें कि यह तटीय सुरक्षा तंत्र की जाँच करने और मानक संचालन प्रक्रियाओं को मान्य करने के उद्देश्य से एक अर्ध-वार्षिक अभ्यास है। 2023 के लिये अभ्यास सागर कवच का यह दूसरा (02/23) भाग है, अर्थात् यह इसका दूसरा अर्द्धवार्षिक संस्करण है। यह अपने अर्द्धवार्षिक हिस्से के रूप में देश के विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित किया जाता है।
11 से 12 अक्तूबर तक भारतीय नौसेना द्वारा अभ्यास सागर कवच (Sagar Kavach) का आयोजन किया गया। यह दो दिवसीय व्यापक तटीय सुरक्षा अभ्यास है, जिसमें आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में सभी समुद्री सुरक्षा एजेंसियाँ शामिल रहीं। अभ्यास का उद्देश्य : समुद्र के खतरे से निपटने के दौरान तटीय सुरक्षा तंत्र की प्रभावशीलता और सुदृढ स्थिति का आकलन करना है। अभ्यास में भारतीय नौसेना, तटरक्षक बल, राज्य/कें. शा.प्र, समुद्री पुलिस, मत्स्य पालन आदि के लगभग 2500 कर्मी शामिल हुए। इस अभ्यास की विशाखापत्तनम के संयुक्त संचालन केंद्र (पूर्व) में सूक्ष्म निगरानी की गई। यह संचालन के क्षेत्र में सभी तटीय सुरक्षा अभियानों और अभ्यासों के लिए नोडल केंद्र है। यह अभ्यास सभी तटीय सुरक्षा हितधारकों के बीच घनिष्ठ समन्वय और तालमेल प्रदर्शित करता है। इस अभ्यास से प्राप्त परिणामों का उपयोग तटीय सुरक्षा को सुदृढ बनाने हेतु किया जाता है। बता दें कि यह तटीय सुरक्षा तंत्र की जाँच करने और मानक संचालन प्रक्रियाओं को मान्य करने के उद्देश्य से एक अर्ध-वार्षिक अभ्यास है। 2023 के लिये अभ्यास सागर कवच का यह दूसरा (02/23) भाग है, अर्थात् यह इसका दूसरा अर्द्धवार्षिक संस्करण है। यह अपने अर्द्धवार्षिक हिस्से के रूप में देश के विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित किया जाता है।
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