सोना चांदी हो या फिर कार या फिर रेडी सेक्टर का कारोबार, इस बार दीवाली में हर सेक्टर में लोगों का जबरदस्त रुझान देखने को मिला है। सूत्रों की माने तो धनतेरस पर इस साल करीब 42 टन सोना बिका है। सभी सेक्टर्स की अगर बात करें तो सी आईटी के मुताबिक देश भर में कुल 50,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार हुआ। ऐसे में आज हम इसी पर चर्चा कर रहे समझेंगे कि किस सेक्टर में दीपावली के मौके पर सबसे ज्यादा पटाखे जुटे मुनाफा देखने को मिला। शुभ लाभ देखने को मिला जूलरी आटो रियल्टी सेक्टर में कैसा रहा कारोबार इस पर भी करेंगे बात। टेस्ट सीजन की शुरुआत होते ही बाजार में भी रौनक बढ़ जाती है। नवरात्र से सिलसिला शुरू होता है तो धनतेरस दीवाली से लेकर साल के अंत तक बरकरार है। इस बार दिवाली में सोने चांदी से लेकर ऑटो इंडस्ट्री तक में सुधार और तेज़ी देखने को मिलेगा। वही कंज्यूमर का रियल्टी सेक्टर में भी खासा उत्साह दिखा है। यही वजह कि रियल इस्टेट में पिछले पांच साल में इसका रिकॉर्ड तेजी देखने को मिली है। कमोबेश फोन लाइन से जुड़ी कंपनियों ने भी इस बार भी अच्छा कारोबार किया है। यानी साल की दीवाली सभी के लिए अच्छी साबित हुई है। इस वर्ष धनतेरस पर देश भर में 50,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार हुआ। जबकि अकेले दिल्ली में ये 5000 करोड़ रुपए से अधिक रहा, जबकि पिछले साल देश भर में कारोबार का आकड़ा 45,000 करोड़ के आसपास रहा था। यानि इस वर्ष इसमें 5000 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी हुई या फिर धनतेरस से दीवाली के बीच में भाई दूज नए साल की शुरुआत में इन आंकड़ो में और उछाल देखने को मिलेगा। खासतौर सोना चांदी, ज्वेलरी खरीदारी में तेजी आई है। सूत्रों कि माने तो देश भर में धनतेरस के दौरान करीब 42 टन सोना बिका, जबकि पिछले साल आगरा 39 टन का था। यानि इस साल की बिक्री जहां 22,000 करोड़ की रही। वह पिछले साल के मुकाबले इसमें आठ परसेंट का उछाल देखने को मिला। वह इस साल धनतेरस में चांदी का कुल कारोबार 380 टन करा जो कि पिछले साल के मुकाबले 40 टन ज्यादा है। कुल मिलाकर धनतेरस में चांदी का करीब 2700 करोड़ रुपए का कारोबार हुआ। लोगों ने ऑटो सेक्टर में भी खासा उत्साह दिखाया है। खासकर की एसयूवी कारों की बिक्री में उछाल देखने को मिला है। 1 से 2 लाख कारें और 7 से 8 लाख 2 पहिया वाहनों की बिक्री से ऑटो सेक्टर में जबर्दस्त उछाल देखने को मिला है डीलर एसोसिएशन की माने तो यह आंकड़े पिछले साल के मुकाबले 19 से 20% अधिक है। घरों कि खरीदारी कि बात करें तो यह अपने पांच साल के उच्चतम लेवल पर है। जुलाई से दिसंबर तक करीब डेढ़ लाख नए घरों की बिक्री का अनुमान है। वही लग्जरी घरों की बढती डिमांड रियल्टी सेक्टर को गुलजार कर दिया है। बीते वर्ष के मुकाबले इस वर्ष धनतेरस पर नए घरों की खरीदारी में 15 परसेंट का उछाल देखने को मिला है, जबकि धनतेरस दिवाली में बिक्री की बात करें तो इसमें भी पिछले साल के मुकाबले इस बार 20% की तेजी आई है। कारोबार के लिहाज से ये साल सभी सकता सीजन मुनाफे वाला साबित हुआ है, जो भारतीय इकनॉमी के लिए अच्छा संकेत है।
सोना चांदी हो या फिर कार या फिर रेडी सेक्टर का कारोबार, इस बार दीवाली में हर सेक्टर में लोगों का जबरदस्त रुझान देखने को मिला है। सूत्रों की माने तो धनतेरस पर इस साल करीब 42 टन सोना बिका है। सभी सेक्टर्स की अगर बात करें तो सी आईटी के मुताबिक देश भर में कुल 50,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार हुआ। ऐसे में आज हम इसी पर चर्चा कर रहे समझेंगे कि किस सेक्टर में दीपावली के मौके पर सबसे ज्यादा पटाखे जुटे मुनाफा देखने को मिला। शुभ लाभ देखने को मिला जूलरी आटो रियल्टी सेक्टर में कैसा रहा कारोबार इस पर भी करेंगे बात। टेस्ट सीजन की शुरुआत होते ही बाजार में भी रौनक बढ़ जाती है। नवरात्र से सिलसिला शुरू होता है तो धनतेरस दीवाली से लेकर साल के अंत तक बरकरार है। इस बार दिवाली में सोने चांदी से लेकर ऑटो इंडस्ट्री तक में सुधार और तेज़ी देखने को मिलेगा। वही कंज्यूमर का रियल्टी सेक्टर में भी खासा उत्साह दिखा है। यही वजह कि रियल इस्टेट में पिछले पांच साल में इसका रिकॉर्ड तेजी देखने को मिली है। कमोबेश फोन लाइन से जुड़ी कंपनियों ने भी इस बार भी अच्छा कारोबार किया है। यानी साल की दीवाली सभी के लिए अच्छी साबित हुई है। इस वर्ष धनतेरस पर देश भर में 50,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार हुआ। जबकि अकेले दिल्ली में ये 5000 करोड़ रुपए से अधिक रहा, जबकि पिछले साल देश भर में कारोबार का आकड़ा 45,000 करोड़ के आसपास रहा था। यानि इस वर्ष इसमें 5000 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी हुई या फिर धनतेरस से दीवाली के बीच में भाई दूज नए साल की शुरुआत में इन आंकड़ो में और उछाल देखने को मिलेगा। खासतौर सोना चांदी, ज्वेलरी खरीदारी में तेजी आई है। सूत्रों कि माने तो देश भर में धनतेरस के दौरान करीब 42 टन सोना बिका, जबकि पिछले साल आगरा 39 टन का था। यानि इस साल की बिक्री जहां 22,000 करोड़ की रही। वह पिछले साल के मुकाबले इसमें आठ परसेंट का उछाल देखने को मिला। वह इस साल धनतेरस में चांदी का कुल कारोबार 380 टन करा जो कि पिछले साल के मुकाबले 40 टन ज्यादा है। कुल मिलाकर धनतेरस में चांदी का करीब 2700 करोड़ रुपए का कारोबार हुआ। लोगों ने ऑटो सेक्टर में भी खासा उत्साह दिखाया है। खासकर की एसयूवी कारों की बिक्री में उछाल देखने को मिला है। 1 से 2 लाख कारें और 7 से 8 लाख 2 पहिया वाहनों की बिक्री से ऑटो सेक्टर में जबर्दस्त उछाल देखने को मिला है डीलर एसोसिएशन की माने तो यह आंकड़े पिछले साल के मुकाबले 19 से 20% अधिक है। घरों कि खरीदारी कि बात करें तो यह अपने पांच साल के उच्चतम लेवल पर है। जुलाई से दिसंबर तक करीब डेढ़ लाख नए घरों की बिक्री का अनुमान है। वही लग्जरी घरों की बढती डिमांड रियल्टी सेक्टर को गुलजार कर दिया है। बीते वर्ष के मुकाबले इस वर्ष धनतेरस पर नए घरों की खरीदारी में 15 परसेंट का उछाल देखने को मिला है, जबकि धनतेरस दिवाली में बिक्री की बात करें तो इसमें भी पिछले साल के मुकाबले इस बार 20% की तेजी आई है। कारोबार के लिहाज से ये साल सभी सकता सीजन मुनाफे वाला साबित हुआ है, जो भारतीय इकनॉमी के लिए अच्छा संकेत है।
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