एनुअल स्टेटस ऑफ एजुकेशन रिपोर्ट ए एस ई आर 2023 बियोंड बेसिक्स नामक एक रिपोर्ट जारी हुई। इस रिपोर्ट को नागरिक समाज संगठन प्रथम फाउंडेशन ने जारी किया है। इसमें 14 से 18 वर्ष की आयु के ग्राम छात्रों के बीच एक सर्वेक्षण किया गया। इसमें 26 राज्यों के 28 जिलों में आयोजित घरेलू सर्वेक्षण में 3745 छात्रों की मूलभूत पढ़ने और अंक गणित क्षमताओं का आकलन किया गया। सर्वेक्षण में छात्रों द्वारा की जाने वाली गतिविधियों उनकी बुनियादी और व्यवहारिक पढ़ाई, गणित क्षमताओं, डिजिटल जागरूकता और कौशल पर चर्चा की गई। रिपोर्ट के निष्कर्ष कि बात करें तो, 14 से 18 वर्ष के 86.6% बच्चे किसी ना किसी शैक्षणिक संस्थान में नामांकित हैं। नामांकित नहीं होने वाले युवाओं का प्रतिशत 14 साल के युवाओं के लिए 3.9, जबकि 18 साल के युवाओं के लिए 32.6 है। 11वीं कक्षा में आधे से अधिक लोग लगभग 55.7% कला या मानविकी स्टिम में नामांकित है। वहीं 36.3 % पुरुष विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित स्ट्रीम में नामांकित है। जबकि महिलाओं का नामांकन पुरुषों की तुलना में कम लगभग 28.1% है। कॉलेज स्तर पर युवाओं की व्यवसायिक प्रशिक्षण लेने की संभावना सबसे अधिक 16.2% है। लगभग 25% लोग अभी भी अपने क्षेत्रीय भाषा में कक्षा दो स्तर का पाठ धारा प्रवाह नहीं पढ़ पाते हैं। आधे से अधिक लोग गणित में विभाजन यानी डिवीजन संबंधी प्रश्नों को हल कर पाने में सक्षम नहीं है। 14 से 18 साल के केवल 43.3% बच्चे ही ऐसी समस्याओं को सही ढंग से कर पाते हैं लगभग 57.3% लोग अंग्रेजी में वाक्य पढ़ सकते हैं। जबकि इनमें से लगभग 3/4 यानी 73.5% ही उनके अर्थ बता सकते हैं। क्षेत्रीय भाषा में कक्षा दो स्तर का पाठ पढ़ने में महिला का प्रतिशत 76 है। वहीं पुरुषों का प्रतिशत 70.9 है। सभी युवाओं में से लगभग 90% के पास घर में स्मार्टफोन है और वे इसका उपयोग करना जानते हैं।
एनुअल स्टेटस ऑफ एजुकेशन रिपोर्ट ए एस ई आर 2023 बियोंड बेसिक्स नामक एक रिपोर्ट जारी हुई। इस रिपोर्ट को नागरिक समाज संगठन प्रथम फाउंडेशन ने जारी किया है। इसमें 14 से 18 वर्ष की आयु के ग्राम छात्रों के बीच एक सर्वेक्षण किया गया। इसमें 26 राज्यों के 28 जिलों में आयोजित घरेलू सर्वेक्षण में 3745 छात्रों की मूलभूत पढ़ने और अंक गणित क्षमताओं का आकलन किया गया। सर्वेक्षण में छात्रों द्वारा की जाने वाली गतिविधियों उनकी बुनियादी और व्यवहारिक पढ़ाई, गणित क्षमताओं, डिजिटल जागरूकता और कौशल पर चर्चा की गई। रिपोर्ट के निष्कर्ष कि बात करें तो, 14 से 18 वर्ष के 86.6% बच्चे किसी ना किसी शैक्षणिक संस्थान में नामांकित हैं। नामांकित नहीं होने वाले युवाओं का प्रतिशत 14 साल के युवाओं के लिए 3.9, जबकि 18 साल के युवाओं के लिए 32.6 है। 11वीं कक्षा में आधे से अधिक लोग लगभग 55.7% कला या मानविकी स्टिम में नामांकित है। वहीं 36.3 % पुरुष विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित स्ट्रीम में नामांकित है। जबकि महिलाओं का नामांकन पुरुषों की तुलना में कम लगभग 28.1% है। कॉलेज स्तर पर युवाओं की व्यवसायिक प्रशिक्षण लेने की संभावना सबसे अधिक 16.2% है। लगभग 25% लोग अभी भी अपने क्षेत्रीय भाषा में कक्षा दो स्तर का पाठ धारा प्रवाह नहीं पढ़ पाते हैं। आधे से अधिक लोग गणित में विभाजन यानी डिवीजन संबंधी प्रश्नों को हल कर पाने में सक्षम नहीं है। 14 से 18 साल के केवल 43.3% बच्चे ही ऐसी समस्याओं को सही ढंग से कर पाते हैं लगभग 57.3% लोग अंग्रेजी में वाक्य पढ़ सकते हैं। जबकि इनमें से लगभग 3/4 यानी 73.5% ही उनके अर्थ बता सकते हैं। क्षेत्रीय भाषा में कक्षा दो स्तर का पाठ पढ़ने में महिला का प्रतिशत 76 है। वहीं पुरुषों का प्रतिशत 70.9 है। सभी युवाओं में से लगभग 90% के पास घर में स्मार्टफोन है और वे इसका उपयोग करना जानते हैं।
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