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स्वामी विवेकानंद की जयंती के उपलक्ष में हर साल 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह भारत के एक महान दार्शनिक और विचारक थे। यह भारत के युवाओं के सबसे बड़े प्रेरणा श्रोत रहे हैं। इनका जन्म 12 जनवरी था। यह योगी रामकृष्ण परमहंस के प्रमुख शिष्य थे। इन्होंने वेदांत के प्राचीन हिंदू दर्शन पर आधारित विश्वव्यापी आध्यात्मिक आंदोलन, रामकृष्ण मिशन और राम कृष्ण मठ की स्थापना की। समाजिक सुधार के उद्देश्य से वह ब्रह्म समाज में शामिल हुए। विवेकानंद को औपनिवेशिक शासन के दौरान आधुनिक हिंदू धर्म के पुनरुद्धार और प्रेरक राष्ट्रवादी चेतना में योगदान देने का श्रेय दिया जाता है। इन्हें सर्वाधिक ख्याति शिकागो में साल 1893 के प्रसिद्ध भाषण से मिली। जिसमें उन्होंने पश्चिमी दुनिया को हिंदू धर्म का परिचय दिया। 4 जुलाई 1902 को इनका निधन हो गया। सुभाष चंद्र बोस ने इन्हें आधुनिक भारत के निर्माता की संज्ञा दी थी।
वर्ष 1984 में स्वामी विवेकानंद की जयंती को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया। इसके बाद पहला राष्ट्रीय युवा दिवस 12 जनवरी 1985 को मनाया गया। इस अवसर पर देश भर में विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों में भाषणों, युवा सम्मेलनों, सेमिनार, योगा शिवरों आदि सहित खेलकूद कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।
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