आजकल देर रात तक जगना लोगों की आदत सा बन चुका है। इसमें सबसे बड़ी भूमिका तो मोबाइल फोन की ही है। भले ही यह आदत रात में हमें कुछ पल के लिए शांति दे, लेकिन यह आपके स्वास्थ्य पर काफी बुरा असर डालती है। डॉक्टर्स के मुताबिक जब हम सोते नहीं हैं, तो नींद के दौरान जो शरीर की नेचुरल रिपेयर साइकिल होती है, उसमें अडचने आती हैं। देर रात सोने से कई बीमारियां हो सकती हैं, इसमें स्ट्रेस से लेकर पाचन से जुड़ी गड़बड़ी, मेंटल हेल्थ, डिसऑर्डर जैसे एंजाइटी डिप्रेशन और बाइपोलर डिसऑर्डर शामिल हैं। यही नहीं, आधी रात के बाद नियमित रूप से सोने से शरीर की सर्काडियन रिदम बिगड़ जाती है। ऐसे में हमारे हार्मोनल सिस्टम अच्छे से काम नहीं करते, साथ ही पाचन के साथ-साथ शरीर के तापमान में बदलाव होने लगता है। लंबे समय तक अगर आप देर से सोने वाले इस रूटीन को फॉलो करते हैं, तो इससे चीजों पर फोकस करने में समस्या आती है। साथ ही कुछ भी याद रखने में और मेंटल अलर्टनेस में परेशानी आती है। देर रात की नींद कॉर्टिसोल जैसे स्ट्रेस हार्मोन से जुड़ी हुई है, इससे स्ट्रेस एंजाइटी और वजन बढ़ने की दिक्कतें आ सकती हैं। लगातार नींद की कमी से हमारा इम्यून सिस्टम भी कमजोर होने लगता है। आधी रात के बाद सोने से मेटाबॉलिज्म भी बाधित हो सकता है। जिससे संभावित रूप से वजन बढ़ सकता है। इंसुलिन रेजिस्टेंस हो सकता है और पाचन संबंधी मुश्किलें आ सकती हैं।
आजकल देर रात तक जगना लोगों की आदत सा बन चुका है। इसमें सबसे बड़ी भूमिका तो मोबाइल फोन की ही है। भले ही यह आदत रात में हमें कुछ पल के लिए शांति दे, लेकिन यह आपके स्वास्थ्य पर काफी बुरा असर डालती है। डॉक्टर्स के मुताबिक जब हम सोते नहीं हैं, तो नींद के दौरान जो शरीर की नेचुरल रिपेयर साइकिल होती है, उसमें अडचने आती हैं। देर रात सोने से कई बीमारियां हो सकती हैं, इसमें स्ट्रेस से लेकर पाचन से जुड़ी गड़बड़ी, मेंटल हेल्थ, डिसऑर्डर जैसे एंजाइटी डिप्रेशन और बाइपोलर डिसऑर्डर शामिल हैं। यही नहीं, आधी रात के बाद नियमित रूप से सोने से शरीर की सर्काडियन रिदम बिगड़ जाती है। ऐसे में हमारे हार्मोनल सिस्टम अच्छे से काम नहीं करते, साथ ही पाचन के साथ-साथ शरीर के तापमान में बदलाव होने लगता है। लंबे समय तक अगर आप देर से सोने वाले इस रूटीन को फॉलो करते हैं, तो इससे चीजों पर फोकस करने में समस्या आती है। साथ ही कुछ भी याद रखने में और मेंटल अलर्टनेस में परेशानी आती है। देर रात की नींद कॉर्टिसोल जैसे स्ट्रेस हार्मोन से जुड़ी हुई है, इससे स्ट्रेस एंजाइटी और वजन बढ़ने की दिक्कतें आ सकती हैं। लगातार नींद की कमी से हमारा इम्यून सिस्टम भी कमजोर होने लगता है। आधी रात के बाद सोने से मेटाबॉलिज्म भी बाधित हो सकता है। जिससे संभावित रूप से वजन बढ़ सकता है। इंसुलिन रेजिस्टेंस हो सकता है और पाचन संबंधी मुश्किलें आ सकती हैं।
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