humanoid robot : दुनिया का सबसे छोटा ह्यूमनॉइड रोबोट हांगकांग के डायोसेसन बॉयज स्कूल के स्टूडेंट्स ने बनाया है। यह रोबोट 5.5 इंच का है या कहे किसी स्टैंडर्ड बॉलपॉइंट पेन से भी छोटा है। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी इस रोबोट का नाम दर्ज हो चुका है। ह्यूमनॉइड रोबोट एक तरह की कॉम्प्लेक्स मानवरूपी आर्टिफिशियल मशीनें हैं। कहने का तात्पर्य मशीनों को हबहु इंसानों जैसा बनाया जाता है। रोबोटिक, लोकोमोशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में हो रहे डेवलपमेंट ने पिछले एक दशक में ह्यूमनॉइड रोबोट के विकास को गति प्रदान की है। आप सोच रहे होंगे कि छोटा सा रोबोट कैसे इंसानों जैसा बनाया जा सकता है। डायोसेसन बॉयज स्कूल के छात्रों ने यही करके दिखाया है। उन्होंने ना सिर्फ रोबोट को दो पैरों में चलने लायक बनाया, बल्कि इस तरह से तैयार किया कि उसके कंधों, कोहनी, घुटनों और कूल्हों को पहचाना जा सकता है। इन्हीं खूबियों की वजह से स्टूडेंट्स के द्वारा बनाए रोबोट को दुनिया के सबसे छोटे ह्यूमनॉइड रोबोट का खिताब प्रदान किया गया है।
सूत्रों के अनुसार, ह्यूमनॉइड रोबोट को मोबाइल ऐप के जरिए प्रोग्राम किया जा सकता है। छात्रों के अनुसार, उन्होंने यह रोबोट उस वंचित कम्युनिटी के लिए तैयार किया, जो आज भी STEAM एजुकेशन से बहुत दूर हैं। इस तरह की एजुकेशन में किताबी पढ़ाई के बजाए साइंस, टेक और इंजीनियरिंग का इस्तेमाल करके शिक्षा ली जाती है। स्टूडेंट्स का कहना है कि वो एक छोटा, सस्ता, रिचार्जेबल और प्रोग्राम किया जा सकने वाला ह्यूमनॉइड रोबोट प्लेटफॉर्म डिजाइन करना चाहते थे।
छात्रों कहना है कि STEAM एजुकेशन को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने इस रोबोट के डिज़ाइन और प्रोग्रामिंग कोड को ओपन-सोर्स करने की भी योजना बना रहे हैं। यानी आने बाले समय में कोई और भी इस तरह के रोबोट को तैयार कर सकेगा।
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