प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत तीन करोड़ घरों का लक्ष्य हासिल करने के करीब हैं। अगले पांच साल में दो करोड़ और घर बनाये जायेंगे. इसके अलावा, यह किराए के घरों और झुग्गियों में रहने वाले पात्र मध्यम वर्ग के लोगों को अपना घर खरीदने और बनाने में मदद करने के लिए एक योजना लाएगे।
रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने से एक करोड़ परिवारों को हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली मिल सकेगी। परिवारों को हर साल 15 से 18 हजार रुपये की बचत होगी। इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग होगी आसान।
एक योग्य डॉक्टर बनना कई युवाओं की महत्वाकांक्षा होती है। ऐसे में और मेडिकल कॉलेज खोले जायेंगे। इसके लिए एक कमेटी बनायी जायेगी।
सर्वाइकल कैंसर से निपटने के लिए 9 से 14 साल की लड़कियों के टीकाकरण पर जोर दिया जाएगा।
आष्युमान भारत योजना के तहत सभी आशा कार्यकर्ताओं, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को स्वास्थ्य देखभाल में शामिल किया जाएगा। आंगनवाड़ी और पोषण योजनाओं में तेजी लाई जाएगी। देशभर में नए यू-विन प्लेटफॉर्म और मिशन इंद्रधनुष पर तेजी से काम किया जाएगा।
नैनो यूरिया को सफलतापूर्वक अपनाया गया है। जिसके बाद सभी कृषि जलवायु क्षेत्रों में विभिन्न फसलों पर नैनो डीएपी का उपयोग किया जाएगा।
भारत विश्व का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश है। लेकिन डेयरी पशुओं की दूध उत्पादकता कम है। डेयरी किसानों की मदद के लिए एक कार्यक्रम तैयार किया जाएगा। खुरपका रोग पर नियंत्रण के लिए पहल की जा रही है।
मत्स्य पालन के लिए एक अलग विभाग की स्थापना की गई है। अंतर्देशीय और जलीय कृषि उत्पादन दोगुना हो गया है। समुद्री खाद्य निर्यात भी दोगुना हो गया। प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना को बढ़ावा दिया जायेगा। जलीय कृषि उत्पादकता को 3 टन से बढ़ाकर 5 टन किया जाएगा। निर्यात को 1 लाख करोड़ रुपये तक बढ़ाएंगे। मत्स्य सम्पदा योजना से 55 लाख नई नौकरियाँ पैदा होंगी। पांच एकीकृत पार्क और एक्वापार्क स्थापित किए जाएंगे।
1 करोड़ महिलाएं पहले ही 'लखपति दीदी' बन चुकी हैं। इस लक्ष्य को 2 करोड़ से बढ़ाकर 3 करोड़ करने का निर्णय लिया गया है।
पीएम लाल बहादुर शास्त्री ने कहा था, जय जवान, जय किसान, पीएम अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा था, जय जवान, जय किसान और जय विज्ञान। पीएम मोदी ने कहा, जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान और जय अनुसंधान बनाया गया है। नई पहल ही विकास का आधार है।
हमारे युवाओं के लिए प्रौद्योगिकियों को अपनाने का यह स्वर्णिम काल होगा। 50 साल के ब्याज मुक्त ऋण के माध्यम से 1 लाख करोड़ रुपये का कोष स्थापित किया जाएगा। यह कोष कम या शून्य ब्याज दरों पर दीर्घकालिक वित्तपोषण या पुनर्वित्त प्रदान करेगा।
अगले वर्ष के बुनियादी ढांचे के विकास परिव्यय में 11.1 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। कुल 11,11,111 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की गई है। यह सकल घरेलू उत्पाद(जीडीपी) का 3.4 फीसदी होगा। परिव्यय में वृद्धि से आर्थिक विकास और रोजगार सृजन में कई गुना तेजी आएगी।
प्रधानमंत्री गति शक्ति के तहत पहचाने गए तीन प्रमुख आर्थिक रेल कॉरिडोर लॉन्च किए जाएंगे। ये तीन कॉरिडोर हैं
- ऊर्जा, खनिज और सीमेंट कॉरिडोर,
- पोर्ट कनेक्टिविटी कॉरिडोर
- हाई ट्रैफिक कॉरिडोर
यात्रियों की सुविधा, आराम और सुरक्षा बढ़ाने के लिए 40,000 सामान्य रेलवे डिब्बों को "वंदे भारत" मानकों में परिवर्तित किया जाएगा। मेट्रो रेल और नमो भारत रेल प्रणाली विशेष रूप से बड़े शहरों में गतिशीलता-उन्मुख विकास को बढ़ावा देगी। लॉजिस्टिक सिस्टम की कार्यक्षमता बढ़ेगी और लागत कम होगी। मेट्रो रेल और नमो इंडिया शहरी परिवर्तन के उत्प्रेरक बन रहे हैं। बड़े शहरों में इन प्रणालियों के विस्तार के लिए सहयोग दिया जाएगा।
पिछले 10 वर्षों में देश में हवाई अड्डों की संख्या दोगुनी होकर 149 हो गई है। उड़ान योजना के तहत अधिक शहरों को हवाई मार्गों से जोड़ा गया है। 570 नए हवाई मार्ग 1.3 करोड़ यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचा रहे हैं। देश की विमानन कंपनियां 1000 से ज्यादा नए विमानों की खरीद का ऑर्डर देकर विकास की राह पर आगे बढ़ रही हैं। मौजूदा हवाई अड्डों का विस्तार और नये हवाई अड्डों का विकास तीव्र गति से जारी रहेगा।
स्किल इंडिया मिशन युवाओं की मदद कर रहा है। 3 हजार नये आईटीआई खोले गये। 7 आईआईटी, 16 आईआईआईटी, 15 एम्स और 390 विश्वविद्यालय स्थापित किए गए हैं। स्किल इंडिया मिशन ने 1.4 करोड़ युवाओं को प्रशिक्षित किया है। 54 लाख युवाओं को अपग्रेड और री-स्किल्ड किया गया है।
हमारी सरकार ई-वाहन विनिर्माण और चार्जिंग बुनियादी ढांचे को सहायता प्रदान करेगी और ई-वाहन पारिस्थितिकी तंत्र का विस्तार और मजबूत करेगी। भुगतान सुरक्षा के माध्यम से सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क के लिए ईबस के अधिक उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा।
उधार को छोड़कर कुल प्राप्तियों का संशोधित अनुमान 27.56 लाख करोड़ रुपये है, जिसमें से कर प्राप्तियां 23.24 लाख करोड़ रुपये हैं। कुल खर्च का संशोधित अनुमान 44.90 लाख करोड़ रुपये है। 30.03 लाख करोड़ रुपये की राजस्व प्राप्ति बजट अनुमान से अधिक रहने की उम्मीद है। राजकोषीय घाटे का संशोधित अनुमान जीडीपी का 5.8 फीसदी है, जो विकास अनुमान में कमी के बावजूद उम्मीद से बेहतर है।
2024-2025 में उधार के अलावा कुल प्राप्तियां और कुल व्यय क्रमशः 30 लाख करोड़ रुपये और 47.66 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है। कर प्राप्तियाँ 26.02 लाख रुपये होने का अनुमान है। राज्यों के पूंजीगत व्यय के लिए 50-वर्षीय ब्याज-मुक्त ऋण योजना इस वर्ष भी 1.3 लाख करोड़ रुपये के कुल परिव्यय के साथ जारी रहेगी। साल 2024-2025 में राजकोषीय घाटा जीडीपी का 5.1 फीसदी रहने का अनुमान है।
नई टैक्स स्कीम के तहत अब 7 लाख रुपये तक की आय वाले करदाताओं पर कोई टैक्स देनदारी नहीं है। खुदरा व्यापार के लिए प्रीमेप्टिव कराधान सीमा 2 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 3 करोड़ रुपये की गई। इसी तरह प्रीमेप्टिव टैक्सेशन के पात्र कारोबारियों के लिए यह सीमा 50 लाख रुपये से बढ़ाकर 75 लाख रुपये कर दी गई। मौजूदा स्वदेशी कंपनियों के लिए कॉर्पोरेट टैक्स की दर 30 प्रतिशत से घटाकर 22 प्रतिशत कर दी गई है। कुछ नई विनिर्माण कंपनियों के लिए यह दर 15 प्रतिशत तक बढ़ा दी गई।
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