राष्ट्रीय महिला आयोग यानी NCWNCW की 32वी वर्ष समारोह के दौरान, महिला एवं बाल विकास मंत्री ने वन स्टॉप सेंटर पहल के महत्त्वपूर्ण प्रभावों पर प्रकाश डाला है। इसके साथ ही महिलाओं के लिए NCW 24x7 हेल्पलाइन के माध्यम से आपातकालीन प्रक्रिया सेवा के प्रयास की भी सराहना की है। इस समारोह में देश की प्रगति में महिलाओं की अहम भूमिका को रेखांकित करते हुए देश की जीडीपी में महिलाओं के महत्त्वपूर्ण योगदान पर भी जोर दिया गया है। महिलाओं की मदद के लिए देश भर के 700 से अधिक जिलों में वन स्टॉप सेंटर स्थापित किए गए हैं और उनके माध्यम से लगभग 8.3 लाख महिलाओं को मदद मिलती है।
वन स्टॉप सेंटर योजना
यह महिला के खिलाफ हिंसा की समस्या के समाधान के लिए महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की एक केंद्र प्रायोजित योजना है। इसका उद्देश्य निजी और सार्वजनिक दोनों स्थानों पर हिंसा से प्रभावित महिलाओं को एकीकृत सहायता प्रदान करना है। इस योजना को निर्भया फंड के माध्यम से वित्त पोषित किया जाता है। इसका ऑडिट भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक के मानदंडों के अनुसार किया जाता है।
वन स्टॉप सेंटर सेवाएं
- आपातकालीन प्रतिक्रिया और बचाव सेवाएं
- मेडिकल सहायता
- महिलाओं को एफआईआर दर्ज कराने में सहायता
- कानूनी सहायता एवं परामर्श
- वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा
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