हेमिस राष्ट्रीय उद्यान भारत का सबसे बड़ा राष्ट्रीय उद्यान है और इसे विश्व की हिम तेंदुए की राजधानी के रूप में जाना जाता है। इसकी स्थापना वर्ष 1981 में हुई थी। नंदा देवी बायोस्फीयर रिजर्व के बाद यह भारत में दूसरा सबसे बड़ा निरंतर संरक्षित क्षेत्र है। हेमिस गोंपा जिसने पार्क के नाम को प्रेरित किया, लद्दाख का सबसे बड़ा और सबसे धनी मठ है।
नंदा देवी बायोस्फीयर रिजर्व
इसकी स्थापना वर्ष 1988 में की गई थी और इसे वर्ष 1988 में यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया था। यह रिजर्व विविध प्रकार की वनस्पतियों और जीवों का निवास स्थान है। जिनमें कई लुप्तप्राय प्रजातियां जैसे हिम तेंदुआ, एशियाई काला भालू,हिमालय कस्तूरी हिरण तथा नीली भेड़ शामिल है। यह रिजर्व अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिए भी जाना जाता है और भोटिया एवं जोहरी जैसे कई स्वदेशी समुदायों का घर है। यह समुदाय सदियों से इस क्षेत्र में रह रहे हैं और उन्होंने जीवन का एक अनोखा तरीका विकसित किया, जो प्राकृतिक पर्यावरण से निकटता से जुड़ा हुआ है।
उत्तराखंड की पहली महिला मुख्य सचिव
वरिष्ठ भारतीय प्रशासनिक सेवा IAS अधिकारी राधा रतूड़ी को उत्तराखंड की पहली महिला मुख्य सचिव नियुक्त किया गया। वर्ष 1988 बैच की IAS अधिकारी राधा रतूड़ी ने सुखबीर सिंह संधु का स्थान लिया। वह उत्तराखंड में शीर्ष प्रशासनिक पद संभालने वाली पहली महिला हैं। उन्होंने अविभाजित उत्तर प्रदेश और नवंबर 2000 में अस्तित्व में आए उत्तराखंड दोनों में नौकरशाह के रूप में कार्य किया।
गुप्तकालीन दशावतार मंदिर
गुप्तकालीन दशावतार मंदिर उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले के देवगढ़ में अवस्थित है। इसमें रामायण तथा महाभारत के कई मनोहरी दृश्यों का भी अंकन है। अन्य समकालीन मंदिरों सपाट छत से विपरीत यह मंदिर शिखर मंदिर का प्रथम उदाहरण है।
भूमध्य सागर
भूमध्य सागरी बेसिन से घिरा हुआ भूमध्य सागर अटलांटिक महासागर से जुड़ा हुआ एक सागर है तथा लगभग पूरी तरह से भूमि से घिरा हुआ है। उत्तर में दक्षिणी यूरोप और अना तोलिया दक्षिण में उत्तरी अफ्रीका एवं पूर्व में पश्चिम एशिया में लेवंत द्वारा लगभग यह पूरी तरह से उत्तर में पश्चिमी यूरोप, दक्षिणी यूरोप और अना तोलिया दक्षिण में उत्तरी अफ्रीका तथा पूर्व में लेवंत द्वारा जमीन से घिरा हुआ है। नील नदी अफ्रीका में स्थित है। यह भूमध्य रेखा के दक्षिण में बुरुंडी से निकलकर उत्तर पूर्वी अफ्रीका से होकर भूमध्य सागर में गिरती है। नील नदी की दो प्रमुख सहायक नदियां वाइट नील और ब्लू नील है। वाइट नील नदी का उद्गम मध्य अफ्रीका के महान अफ्रीकी झील क्षेत्र से होता है। जबकि ब्लू नील का उद्गम इथियोपिया की लेक टाना से होता है।
समान नागरिक संहिता
समान नागरिक संहिता का उल्लेख भारतीय संविधान के अनुच्छेद 44 में किया गया है। जो राज्य की नीति के निर्देशक तत्व का अंग है। संविधान के अनुच्छेद 44 में कहा गया है, कि राज्य भारत के पूरे क्षेत्र में नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता UCC सुरक्षित करने का प्रयास करेगा। UCC का कुछ लोगों द्वारा राष्ट्रीय अखंडता और लैंगिक न्याय को बढ़ावा देने के एक तरीके के रूप में समर्थन किया जाता है। तो कुछ लोगों द्वारा इसे धार्मिक स्वतंत्रता और विविधता के लिए खतरा बताकर इसका विरोध किया जाता है। वर्ष 1961 में पुर्तगाली शासन से स्वतंत्रता के बाद गोवा ने अपने सामान्य पारिवारिक कानून को बनाए रखा। जिसे गोवा नागरिक संहिता के रूप में जाना जाता है। शेष भारत में धार्मिक या सामुदायिक पहचान के आधार पर विभिन्न पर्सनल लॉज का पालन किया जाता है।
संथाल जनजाति
उत्तराखंड की जनजातियों में मुख्य रूप से पांच प्रमुख समूह शामिल हैं। जिनमें जौनसारी, थारू, राजी, बुक्सा और भूटिया शामिल है। जनसंख्या की दृष्टि से थारू जनजाति राज्य का सबसे बड़ा जनजातीय समूह है। उत्तराखंड के प्रत्येक जिले में जनजातीय आबादी का कम से कम प्रतिशत है।
सोमदेव
कथा सरित सागर संस्कृत कथा साहित्य की शिरोमणि ग्रंथ है। यह भारतीय कीवन दंतिया परियों की कहानियों और लोक कथाओं की 11वीं शताब्दी का एक प्रसिद्ध संग्रह है। सोमदेव कश्मीर से 11वीं सदी के लेखक थे। उन्हें कश्मीर के राजा अनंत का दरबारी कवि माना जाता था। कथा सरित सागर की रचना सोमदेव ने कश्मीर नरेश की रानी सूर्या वती के मनोरंजन के लिए की थी।
नॉर्ड स्ट्रीम पाइपलाइन
नॉर्ड स्ट्रीम पाइपलाइन प्राकृतिक गैस पाइपलाइन है। जो रूस और जर्मनी को जोड़ने वाले बाल्टिक सागर के नीचे से गुजरती है। इस पाइपलाइन का निर्माण यूक्रेन जैसे पारंपरिक पारगमन प्रणाली वाले देशों के बजाय रूस से यूरोप तक प्राकृतिक गैस के परिवहन के उद्देश्य से किया गया था। नॉड स्ट्रीम पाइपलाइन की पहली लाइन का निर्माण कार्य वर्ष 2011 में तथा दूसरी का वर्ष 2012 में पूरा हुआ था और तब से यह यूरोप के लिए प्राकृतिक गैस का प्रमुख स्रोत बन गई है। नॉर्ड स्ट्रीम वन जल के नीचे से गुजरने वाली 1224 किमी लंबी गैस पाइपलाइन है। जो बाल्टिक सागर के माध्यम से पूर्वोत्तर जर्मनी के लुमिन को उत्तर पश्चिम रूस में वाय बोर्ग से जोड़ती है। नॉर्ड स्ट्रीम 2 जो लेलिन ग्राड रूस में उतल से लुमिन तक विस्तृत है। एक बार पूरी तरह से चालू हो जाने के बाद इसमें प्रतिवर्ष 55 बिलियन क्यूबिक मीटर गैस के परिवहन की क्षमता होगी।
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