भारतीय वायु सेना द्वारा अभ्यास वायु शक्ति 2024 का आयोजन किया जाएगा। इस अभ्यास का आयोजन 17 फरवरी को जैसलमेर के पास पोखरण के एयर टू ग्राउंड रेंज में होगा। इस अभ्यास में भारतीय वायु सेना द्वारा संचालित की जाने वाली आक्रामक एवं रक्षात्मक क्षमताओं का शानदार प्रदर्शन किया जाएगा। इस साल आयोजित होने वाले अभ्यास में स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस प्रचंड और ध्रुव सहित 121 विमान शामिल होंगे। इसके साथ ही अन्य विमानों में राफेल, मिराज 2000, सुखोई 30 एमकेआई, जगवार, C-130J, चिनूक और अपाचे भी शामिल है। वहीं सतह से हवा में मार करने वाली हथियार प्रणालियां, आकाश और समर घुसपैठ करने वाले शत्रुओं के विमान को ट्रैक करने तथा उसे मार गिराने की अपनी क्षमता का प्रदर्शन करेंगी। इसके अलावा भारतीय वायुसेना के परिवहन विमान और हेलीकॉप्टर बेड़े द्वारा विशेष अभियान संचालित किया जाएगा। जिसमें गरुड़ और भारतीय सेना के अन्य विमान अपना प्रदर्शन करेंगे। इस अभ्यास का अंतिम संस्करण 16 फरवरी 2019 में पोखरण में आयोजित किया गया था।
भारतीय वायु सेना द्वारा अभ्यास वायु शक्ति 2024 का आयोजन किया जाएगा। इस अभ्यास का आयोजन 17 फरवरी को जैसलमेर के पास पोखरण के एयर टू ग्राउंड रेंज में होगा। इस अभ्यास में भारतीय वायु सेना द्वारा संचालित की जाने वाली आक्रामक एवं रक्षात्मक क्षमताओं का शानदार प्रदर्शन किया जाएगा। इस साल आयोजित होने वाले अभ्यास में स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस प्रचंड और ध्रुव सहित 121 विमान शामिल होंगे। इसके साथ ही अन्य विमानों में राफेल, मिराज 2000, सुखोई 30 एमकेआई, जगवार, C-130J, चिनूक और अपाचे भी शामिल है। वहीं सतह से हवा में मार करने वाली हथियार प्रणालियां, आकाश और समर घुसपैठ करने वाले शत्रुओं के विमान को ट्रैक करने तथा उसे मार गिराने की अपनी क्षमता का प्रदर्शन करेंगी। इसके अलावा भारतीय वायुसेना के परिवहन विमान और हेलीकॉप्टर बेड़े द्वारा विशेष अभियान संचालित किया जाएगा। जिसमें गरुड़ और भारतीय सेना के अन्य विमान अपना प्रदर्शन करेंगे। इस अभ्यास का अंतिम संस्करण 16 फरवरी 2019 में पोखरण में आयोजित किया गया था।
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