संयुक्त अरब अमीरात यानी यूएई की राजधानी अबू धाबी में यूपीआई रुपे कार्ड सेवा को लॉन्च किया गया। भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान द्वारा संयुक्त रूप से इसका अनावरण किया गया। राष्ट्रपति नाहयान ने अबू धाबी में सेवा की शुरुआत को चिन्हित करने के लिए अपने नाम के एक कार्ड को स्वाइप किया। इसी के साथ दोनों नेताओं के बीच कई द्विपक्षीय समझौते हुए। इसमें तत्काल भुगतान प्लेटफॉर्म यूपीआई भारत और एएन आई यूएई को इंटरलिंक करने पर एक समझौता शामिल है। यह समझौता दोनों देशों के बीच निर्वात सीमा पार लेनदेन की सुविधा प्रदान करेगा। इसके इसके अलावा रूपे भारत और जे ए वाई डब्ल्यू ए एन यूएई के घरेलू डेबिट या क्रेडिट कार्ड सिस्टम को जोड़ने पर भी एक समझौता हुआ। इस कदम का उद्देश्य वित्तीय क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करना और संयुक्त अरब अमीरात में रूपए कार्ड की व्यापक स्वीकृति को बढ़ावा देना है। भारत की यूपीआई भुगतान सेवा अब फ्रांस, मॉरिशस और श्रीलंका में भी उपलब्ध होगी।
यूपीआई यानी यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस, यह तत्काल भुगतान सेवा का एक उन्नत संस्करण है। यह कैशलेस भुगतान को तेज आसान और सुचारू बनाने के लिए 24 x 7 धन हस्तांतरण सेवा है। यह एक ऐसी प्रणाली है जो कई बैंक खातों को एक ही मोबाइल एप्लीकेशन द्वारा कई बैंकिंग सुविधाओं, निर्वात फंड रूटिंग और मर्चेंट भुगतान की शक्ति प्रदान करती है। एनपीसीआई ने इसे साल 2016 में 21 सदस्य बैंकों के साथ लॉन्च किया था।
एनपीसीआई यानी भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम, यह भारत में खुदरा भुगतान और निपटान प्रणाली के संचालन हेतु एक अंब्रेला संगठन है। इसे भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई और भारतीय बैंक संघ यानी आईबीए द्वारा भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम 2007 के तहत शुरू किया गया है। यह कंपनी अधिनियम 1956 की धारा 25 अब कंपनी अधिनियम 2013 की धारा 8 के प्रावधानों के तहत स्थापित एक गैर लाभकारी कंपनी है। इसका उद्देश्य भारत में संपूर्ण बैंकिंग प्रणाली को भौतिक और इलेक्ट्रॉनिक भुगतान हेतु बुनियादी ढांचा प्रदान करना है।
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