भारतीय वायुसेना का अभ्यास गगन शक्ति 2024 की शुरुआत हो गई है। यह अभ्यास 1 से 10 अप्रैल तक आयोजित किया जा रहा है। अभ्यास जैसलमेर में पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज सहित देश भर के विभिन्न स्थानों पर आयोजित हो रहा है। बता दें कि आखिरी बार इसे साल 2018 में आयोजित किया गया था। जिसके दौरान भारतीय वायुसेना ने दो चरण के हवाई युद्धाभ्यास के दौरान 11000 से अधिक उड़ाने पूरी की, विशेष रूप से इस अभ्यास में लड़ाकू विमान और हेलीकॉप्टर राजस्थान के पोखरण फीड फायरिंग रेंज में छदन लक्ष्यों पर हमला करेंगे। ऑपरेशनल रेल मोबिलाइजेशन प्लान यानी, ओ आरएमपी के प्रमुख पहलुओं को मान्य करने के लिए लगभग 10000 आईएएफ कर्मियों और गोला बारूद की आवाजाही की सुविधा शामिल है। इसमें परिचालन योजना के अनुसार आगे और वापसी दोनों यात्राओं के लिए पूरे भारत के समूहों में रेल परिवहन योजना तैयार करना भी शामिल है।
भारतीय वायुसेना का अभ्यास गगन शक्ति 2024 की शुरुआत हो गई है। यह अभ्यास 1 से 10 अप्रैल तक आयोजित किया जा रहा है। अभ्यास जैसलमेर में पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज सहित देश भर के विभिन्न स्थानों पर आयोजित हो रहा है। बता दें कि आखिरी बार इसे साल 2018 में आयोजित किया गया था। जिसके दौरान भारतीय वायुसेना ने दो चरण के हवाई युद्धाभ्यास के दौरान 11000 से अधिक उड़ाने पूरी की, विशेष रूप से इस अभ्यास में लड़ाकू विमान और हेलीकॉप्टर राजस्थान के पोखरण फीड फायरिंग रेंज में छदन लक्ष्यों पर हमला करेंगे। ऑपरेशनल रेल मोबिलाइजेशन प्लान यानी, ओ आरएमपी के प्रमुख पहलुओं को मान्य करने के लिए लगभग 10000 आईएएफ कर्मियों और गोला बारूद की आवाजाही की सुविधा शामिल है। इसमें परिचालन योजना के अनुसार आगे और वापसी दोनों यात्राओं के लिए पूरे भारत के समूहों में रेल परिवहन योजना तैयार करना भी शामिल है।
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