तुलसी का पौधा अक्सर सभी घरों में पाया जाता है और रोज सुबह-शाम इसकी पूजा भी की जाती है। तुलसी के पौधे को अच्छी धूप की जरूरत होती है, लेकिन वर्तमान तापमान 42 डिग्री होने के कारण तेज धूप से इसकी पत्तियां सूखने लगती हैं। इसे रोकने के लिए जहां आपने तुलसी के पौधे लगाए है वहां की मिट्टी में हमेशा नमी बनाए रखने के लिए दिन में कम से कम दो बार पानी जरूर डालना चाहिए, लेकिन यह भी ध्यान रखना चाहिए कि मिट्टी ज्यादा गीली न रहे, यदि मिटटी ज्यादा गीली रहेगी तो पौधा सड़ सकता है। तीन इंच मिट्टी सूखने के बाद ही गमले में पानी दें। अगर तुलसी का पौधा गमले में लगा है तो उसे छायादार जगह पर रखें ताकि वह मुरझाए नहीं और अगर जमीन में लगा है तो उसे ऊंचे तापमान और तेज धूप से बचाने के लिए कपड़े से ढक दें। जिससे आप इसकी मिट्टी में नमी बनाए रख सकते हैं। पौधे की जो शाखाएँ बहुत अधिक सूख गई हों, उनकी छँटाई(काटना) भी की जा सकती है। इससे नई शाखाएं निकलेंगी और पौधा घना और भरा-भरा रहेगा। तुलसी के पौधे में तुलसी के पौधे के फूल और बीज होते हैं। जो पौधों से सारा पोषण लेते हैं। इसलिए इसे तोड़ लें, इससे तुलसी के पौधे की पत्तियों को उचित पोषण मिलेगा।
तुलसी का पौधा अक्सर सभी घरों में पाया जाता है और रोज सुबह-शाम इसकी पूजा भी की जाती है। तुलसी के पौधे को अच्छी धूप की जरूरत होती है, लेकिन वर्तमान तापमान 42 डिग्री होने के कारण तेज धूप से इसकी पत्तियां सूखने लगती हैं। इसे रोकने के लिए जहां आपने तुलसी के पौधे लगाए है वहां की मिट्टी में हमेशा नमी बनाए रखने के लिए दिन में कम से कम दो बार पानी जरूर डालना चाहिए, लेकिन यह भी ध्यान रखना चाहिए कि मिट्टी ज्यादा गीली न रहे, यदि मिटटी ज्यादा गीली रहेगी तो पौधा सड़ सकता है। तीन इंच मिट्टी सूखने के बाद ही गमले में पानी दें। अगर तुलसी का पौधा गमले में लगा है तो उसे छायादार जगह पर रखें ताकि वह मुरझाए नहीं और अगर जमीन में लगा है तो उसे ऊंचे तापमान और तेज धूप से बचाने के लिए कपड़े से ढक दें। जिससे आप इसकी मिट्टी में नमी बनाए रख सकते हैं। पौधे की जो शाखाएँ बहुत अधिक सूख गई हों, उनकी छँटाई(काटना) भी की जा सकती है। इससे नई शाखाएं निकलेंगी और पौधा घना और भरा-भरा रहेगा। तुलसी के पौधे में तुलसी के पौधे के फूल और बीज होते हैं। जो पौधों से सारा पोषण लेते हैं। इसलिए इसे तोड़ लें, इससे तुलसी के पौधे की पत्तियों को उचित पोषण मिलेगा।
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