जालंधर में राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य आयोजन, 46,813 मामलों का आपसी समझौते से निपटारा

Lok Adalat

जालंधर, 13 दिसंबर: राष्ट्रीय कानूनी सेवाएं प्राधिकरण (NALSA) एवं पंजाब राज्य कानूनी सेवाएं प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों के अंतर्गत, माननीय श्री निरभउ सिंह गिल, जिला एवं सत्र न्यायाधीश-कम-चेयरपर्सन, जिला कानूनी सेवाएं प्राधिकरण (DLSA), जालंधर के सक्षम नेतृत्व में आज जालंधर, फिल्लौर और नकोदर के न्यायिक परिसरों में राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया।


किन मामलों की हुई सुनवाई

इस राष्ट्रीय लोक अदालत में नागरिकों को त्वरित न्याय उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विभिन्न प्रकार के मामलों की सुनवाई की गई, जिनमें शामिल रहे:

  • लंबित सिविल केस

  • वैवाहिक विवाद

  • मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल (MACT) केस

  • समझौता योग्य आपराधिक मामले

  • ट्रैफिक चालान

  • बैंक व वित्तीय संस्थानों से जुड़े विवाद

  • बीएसएनएल, पीएसपीसीएल एवं राजस्व विभाग से संबंधित प्री-लिटिगेशन केस


25 बेंचों में 47,702 मामलों की सुनवाई

माननीय श्री निरभउ सिंह गिल ने जानकारी देते हुए बताया कि जालंधर, फिल्लौर और नकोदर में कुल 25 लोक अदालत बेंचों का गठन किया गया था।
इन बेंचों के समक्ष कुल 47,702 मामले प्रस्तुत किए गए, जिनमें से 46,813 मामलों का निपटारा आपसी सहमति से सफलतापूर्वक किया गया।


35.82 करोड़ रुपये से अधिक के अवार्ड निपटाए गए

राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से कुल ₹35,82,19,255 (35 करोड़ 82 लाख 19 हजार 255 रुपये) की राशि के अवार्ड निपटाए गए।
इस अवसर पर माननीय श्री निरभउ सिंह गिल एवं माननीय श्री राहुल कुमार, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-कम-सचिव, जिला कानूनी सेवाएं प्राधिकरण, जालंधर ने जालंधर में गठित विभिन्न बेंचों का निरीक्षण भी किया।


लोक अदालत के लाभ

माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने बताया कि:

  • लोक अदालत के माध्यम से शीघ्र, सस्ता और स्थायी न्याय मिलता है

  • लोक अदालत का फैसला अंतिम होता है, इसके विरुद्ध अपील नहीं की जा सकती

  • निर्णय दोनों पक्षों की आपसी सहमति से होता है

  • लोक अदालत सामाजिक सौहार्द और भाईचारे को बढ़ावा देती है

  • वादकारी द्वारा जमा की गई अदालती फीस वापस कर दी जाती है


मुफ्त कानूनी सहायता और अगली लोक अदालत की तिथि

माननीय श्री राहुल कुमार ने बताया कि विवादों के त्वरित समाधान हेतु समय-समय पर लोक अदालतों का आयोजन किया जाता है।
किसी भी प्रकार की मुफ्त कानूनी सहायता, केस दर्ज कराने या कानूनी सलाह के लिए नागरिक टोल-फ्री नंबर 15100 पर संपर्क कर सकते हैं।

➡️ अगली राष्ट्रीय लोक अदालत: 10 मार्च 2026


नशा मुक्ति के लिए जागरूकता अभियान

इसके अतिरिक्त, माननीय श्री निरभउ सिंह गिल ने जानकारी दी कि राष्ट्रीय एवं राज्य कानूनी सेवाएं प्राधिकरण के निर्देशों के अनुसार, जिला कानूनी सेवाएं प्राधिकरण, जालंधर द्वारा नशा मुक्ति जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
इसके अंतर्गत स्कूलों, कॉलेजों, गांवों और कम्युनिटी सेंटर्स में महीने भर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।


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