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शुक्रवार, 26 दिसंबर 2025

जालंधर में जिला सलाहकार समिति की तिमाही बैठक: बैंकों को ज्यादा लोन वितरण और किसानों को राहत पर जोर

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जालंधर, 26 दिसंबर: जिला सलाहकार समिति/जिला स्तरीय समीक्षा समिति, जालंधर की विशेष तिमाही समीक्षा बैठक अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (ज) अमनिंदर कौर बराड़ की अध्यक्षता में सफलतापूर्वक आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 की वार्षिक ऋण योजना के तहत 30 सितंबर 2025 को समाप्त तिमाही के लक्ष्यों और उपलब्धियों की विस्तृत समीक्षा की गई।


🔹 बैंकों के प्रदर्शन की समीक्षा

जिले में कार्यरत सभी सरकारी, सहकारी और निजी बैंकों के प्रदर्शन का विस्तृत विवरण प्रमुख जिला प्रबंधक (LDM) एम.एस. मोती द्वारा समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया। उन्होंने बताया कि इस तिमाही में जिले का क्रेडिट-डिपॉजिट (CD) अनुपात 33.06% रहा।

इस पर अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर ने बैंकों को निर्देश दिए कि अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों को ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जाए, ताकि CD अनुपात में और सुधार हो सके। खास तौर पर स्वयं सहायता समूहों (SHG) के ऋण आवेदनों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निपटाने के निर्देश दिए गए।


🌾 किसानों और कृषि क्षेत्र पर विशेष फोकस

बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि:

  • कृषि एवं सहायक व्यवसायों के लिए ऋण वितरण बढ़ाया जाए

  • फसल अवशेष प्रबंधन मशीनों की खरीद हेतु किसानों को आसान ऋण उपलब्ध कराया जाए
    इससे किसानों को आर्थिक मजबूती मिलेगी और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।


📊 लक्ष्य से अधिक ऋण वितरण

बैंकों ने इस तिमाही में शानदार प्रदर्शन करते हुए सभी ऋण लक्ष्य पूरे किए:

  • प्राथमिकता क्षेत्र का लक्ष्य: ₹5622 करोड़

  • स्वीकृत ऋण: ₹12238 करोड़

  • कृषि ऋण लक्ष्य: ₹1531 करोड़

  • वितरित कृषि ऋण: ₹2409 करोड़

  • सितंबर तिमाही के अंत तक कुल ऋण वितरण: ₹18314 करोड़


💰 अनक्लेम्ड डिपॉजिट को लेकर अहम जानकारी

बैठक में अनक्लेम्ड डिपॉजिट (10 वर्षों तक निष्क्रिय खाते) पर भी चर्चा हुई। एल.डी.एम. ने बताया कि ऐसे खातों की राशि आरबीआई के DEAF अकाउंट में ट्रांसफर हो जाती है।
हालांकि, खाताधारक अपनी पासबुक, जमा रसीद, आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट या अन्य पहचान पत्र के साथ संबंधित बैंक शाखा में आवेदन कर अपनी राशि वापस प्राप्त कर सकते हैं।


👥 बैठक में ये रहे उपस्थित

इस बैठक में कृषि, बागवानी, मत्स्यपालन, नाबार्ड सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी,
भारतीय रिजर्व बैंक, चंडीगढ़ से अलोक रंजन (LDO),
जिला स्तर के बैंक प्रतिनिधि, यूको बैंक जोनल ऑफिस से श्रेया,
डिस्ट्रिक्ट इंडस्ट्रियल सेंटर, रूडसेट इंस्टीट्यूट जालंधर के निदेशक संजीव चौहान सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।


👉 निष्कर्ष:
जालंधर जिले में बैंकों द्वारा लक्ष्य से अधिक ऋण वितरण आर्थिक प्रगति का संकेत है। प्रशासन और बैंकिंग संस्थानों के समन्वय से किसानों, स्वयं सहायता समूहों और उद्यमियों को सीधा लाभ मिलेगा, जिससे जिले का समग्र विकास और तेज होगा।


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