जालंधर, 26 दिसंबर: जिला सलाहकार समिति/जिला स्तरीय समीक्षा समिति, जालंधर की विशेष तिमाही समीक्षा बैठक अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (ज) अमनिंदर कौर बराड़ की अध्यक्षता में सफलतापूर्वक आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 की वार्षिक ऋण योजना के तहत 30 सितंबर 2025 को समाप्त तिमाही के लक्ष्यों और उपलब्धियों की विस्तृत समीक्षा की गई।
🔹 बैंकों के प्रदर्शन की समीक्षा
जिले में कार्यरत सभी सरकारी, सहकारी और निजी बैंकों के प्रदर्शन का विस्तृत विवरण प्रमुख जिला प्रबंधक (LDM) एम.एस. मोती द्वारा समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया। उन्होंने बताया कि इस तिमाही में जिले का क्रेडिट-डिपॉजिट (CD) अनुपात 33.06% रहा।
इस पर अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर ने बैंकों को निर्देश दिए कि अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों को ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जाए, ताकि CD अनुपात में और सुधार हो सके। खास तौर पर स्वयं सहायता समूहों (SHG) के ऋण आवेदनों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निपटाने के निर्देश दिए गए।
🌾 किसानों और कृषि क्षेत्र पर विशेष फोकस
बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि:
कृषि एवं सहायक व्यवसायों के लिए ऋण वितरण बढ़ाया जाए
- फसल अवशेष प्रबंधन मशीनों की खरीद हेतु किसानों को आसान ऋण उपलब्ध कराया जाएइससे किसानों को आर्थिक मजबूती मिलेगी और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
📊 लक्ष्य से अधिक ऋण वितरण
बैंकों ने इस तिमाही में शानदार प्रदर्शन करते हुए सभी ऋण लक्ष्य पूरे किए:
प्राथमिकता क्षेत्र का लक्ष्य: ₹5622 करोड़
स्वीकृत ऋण: ₹12238 करोड़
कृषि ऋण लक्ष्य: ₹1531 करोड़
वितरित कृषि ऋण: ₹2409 करोड़
सितंबर तिमाही के अंत तक कुल ऋण वितरण: ₹18314 करोड़

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