जालंधर, 26 दिसंबर: जालंधर के डिप्टी कमिश्नर डॉ. हिमांशू अग्रवाल ने सड़कों पर पशुओं को बेसहारा छोड़ने वालों को कड़ा संदेश देते हुए साफ कहा है कि ऐसे लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन अब इस मुद्दे पर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगा।
जिला प्रशासकीय कॉम्प्लेक्स में आयोजित सोसाइटी फॉर प्रिवेंशन ऑफ क्रुएल्टी टू एनिमल्स (SPCA) की अहम बैठक की अध्यक्षता करते हुए डिप्टी कमिश्नर ने पुलिस विभाग को विशेष रूप से रात के समय सख्ती और निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए।
🏆 100% बेसहारा पशु मुक्त शहर बनाने पर मिलेगा स्टेट अवार्ड
डॉ. अग्रवाल ने घोषणा की कि जो नगर कौंसिल और अधिकारी सड़कों से सभी बेसहारा पशुओं को गौशालाओं में पहुंचाने में सफल होंगे, उनके नामों की सिफारिश स्टेट अवार्ड के लिए की जाएगी। यह पहल शहर को सुरक्षित और पशु-मित्र बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
📊 अब तक 340 बेसहारा पशु गौशालाओं में भेजे गए
डिप्टी कमिश्नर ने जानकारी दी कि:
अप्रैल से अब तक जालंधर शहर से 340 बेसहारा पशु गौशालाओं में पहुंचाए गए
पिछले दो महीनों में 71 पशु शहर से हटाए गए
नगर कौंसिल क्षेत्रों से 48 पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया
इससे न केवल सड़क हादसों में कमी आई है बल्कि धुंध के मौसम में यात्रियों और पशुओं की सुरक्षा भी सुनिश्चित हुई है।
🐄 प्रशासन का लक्ष्य: सड़कों से पूरी तरह बेसहारा पशु मुक्त जालंधर
🐕 एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) प्रोग्राम पर भी सख्ती
मीटिंग के दौरान एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) प्रोग्राम की भी समीक्षा की गई। डॉ. अग्रवाल ने बताया कि:
वार्ड-वाइज कुत्तों की स्टरलाइजेशन की जा रही है
साथ ही एंटी-रेबीज वैक्सीन भी लगाई जा रही है
एनिमल बर्थ कंट्रोल नियम 2023 और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जा रहा है
📞 बेसहारा पशुओं की शिकायत के लिए WhatsApp हेल्पलाइन
👥 बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण बैठक में
अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (शहरी विकास) जसबीर सिंह
सीएमएफओ नवदीप सिंह
डिप्टी डायरेक्टर पशुपालन विभाग डॉ. सुखविंदर सिंह
और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे
✅ यह पहल जालंधर को सुरक्षित, संवेदनशील और पशु-हितैषी शहर बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें