हैलमेट सरकारी पैनल ने देश में इलैक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देने के संदर्भ में अपनी रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट में भारत में डीजल वाले चार पहिया वाहनों पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव दिया गया है। आपको बता दें कि ये ऊर्जा संक्रमण सलाहकार समिति पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा पूर्व तेल सचिव तरुण कपूर की अध्यक्षता में गठित की गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक 2027 तक देशभर के सभी प्रमुख शहरों में डीजल से चलने वाले चार पहिया वाहनों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा देना चाहिए। रिपोर्ट में बिजली व प्राकृतिक गैस से चलने वाले वाहनों को अपनाने की सिफारिश की गई है। पैनल ने कहा कि 2024 से केवल बिजली से चलने वाले सिटी डिलिवरी वाहनों के नए पंजीकरण की अनुमति दी जानी चाहिए। इसके अलावा कार्गो की आवाजाही हेतु रेलवे और गैस से चलने वाले ट्रकों के अधिक उपयोग का भी सुझाव दिया गया है। साथ ही उत्सर्जन में कटौती हेतु 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों व प्रदूषित शहरों में बिजली व गैस चलित वाहनों पर स्विच करने की बात की गई है। गौरतलब है कि भारत ग्रीन हाउस गैसों के सबसे बड़े उत्सर्जक में से एक है। भारत में रिफाइंड की इंधन खपत का लगभग 2/5 हिस्सा डीजल का है, जिसका 80% परिवहन क्षेत्र में उपयोग किया जाता है। भारत का लक्ष्य 2070 तक शुद्ध शून्य लक्ष्य को प्राप्त करना है। इस लक्ष्य की प्राप्ति हेतु भारत नवीकरणीय ऊर्जा से अपनी 40% बिजली का उत्पादन करना चाहता है। भारत का लक्ष्य 2030 तक अपने एनर्जी मिक्स में गैस की हिस्सेदारी को बढ़ा कर 15% करना है, जो अभी 6.2% है।
हैलमेट सरकारी पैनल ने देश में इलैक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देने के संदर्भ में अपनी रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट में भारत में डीजल वाले चार पहिया वाहनों पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव दिया गया है। आपको बता दें कि ये ऊर्जा संक्रमण सलाहकार समिति पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा पूर्व तेल सचिव तरुण कपूर की अध्यक्षता में गठित की गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक 2027 तक देशभर के सभी प्रमुख शहरों में डीजल से चलने वाले चार पहिया वाहनों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा देना चाहिए। रिपोर्ट में बिजली व प्राकृतिक गैस से चलने वाले वाहनों को अपनाने की सिफारिश की गई है। पैनल ने कहा कि 2024 से केवल बिजली से चलने वाले सिटी डिलिवरी वाहनों के नए पंजीकरण की अनुमति दी जानी चाहिए। इसके अलावा कार्गो की आवाजाही हेतु रेलवे और गैस से चलने वाले ट्रकों के अधिक उपयोग का भी सुझाव दिया गया है। साथ ही उत्सर्जन में कटौती हेतु 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों व प्रदूषित शहरों में बिजली व गैस चलित वाहनों पर स्विच करने की बात की गई है। गौरतलब है कि भारत ग्रीन हाउस गैसों के सबसे बड़े उत्सर्जक में से एक है। भारत में रिफाइंड की इंधन खपत का लगभग 2/5 हिस्सा डीजल का है, जिसका 80% परिवहन क्षेत्र में उपयोग किया जाता है। भारत का लक्ष्य 2070 तक शुद्ध शून्य लक्ष्य को प्राप्त करना है। इस लक्ष्य की प्राप्ति हेतु भारत नवीकरणीय ऊर्जा से अपनी 40% बिजली का उत्पादन करना चाहता है। भारत का लक्ष्य 2030 तक अपने एनर्जी मिक्स में गैस की हिस्सेदारी को बढ़ा कर 15% करना है, जो अभी 6.2% है।

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