10 मई 2023 यानि कि आज नई दिल्ली में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा पोषण भी पढ़ाई भी नामक राष्ट्रीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। ये कार्यक्रम प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा यानि ईसीसीई को बेहतर बनाने की प्रमुख गतिविधियों पर आयोजित है। इसका उद्देश्य शुरुआती बाल्यावस्था वाले बच्चों की देखभाल और उनकी शिक्षा पर ध्यान केन्द्रित करने की आवश्यकता को उजागर करना है। यह मिशन सक्षम आँगनवाड़ी तथा पोषण अभियान के दूसरे चरण यानि मिशन पोषण 2.2 का एक महत्वपूर्ण घटक है व राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत उल्लेखित है। यह बच्चों हेतु समग्र एवं गुणवत्तापूर्ण पूर्ण प्रोत्साहन व आरम्भिक प्राथमिक शिक्षा को बढ़ावा देने, विकासात्मक रूप से उपयुक्त शिक्षा के उपयोग को सुनिश्चित करने तथा प्राथमिक शिक्षा सहित स्वास्थ्य व पोषण संबंधी सेवाओं पर जोर देने पर ध्यान केन्द्रित करेगा। ये प्राथमिक शिक्षण निर्देश के जरिये के रूप में मातृभाषा सीखने सिखाने हेतु आँगनवाड़ी सेविकाओं को विभिन्न प्रकार की शिक्षण अधिगम सामग्री प्रदान करेगा। यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के दिशा निर्देशों के अनुसार देश की भावी पीढ़ी की नींव मजबूत करने में समुदाय को शामिल करने हेतु एक जन आन्दोलन बनाने में मदद करेगा। यह सार्वभौमिक उच्च गुणवत्ता वाला आरंभिक विद्यालय तंत्र सुनिश्चित करने हेतु एक पथ प्रदर्शक, प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा कार्यक्रम है। देशभर में करीब 13.9 लाख संचालित आँगनवाड़ी केंद्र छह वर्ष से कम उम्र के करीब आठ करोड़ बच्चों को पूरक पोषण एवं प्रारंभिक देखभाल में शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। ये दुनिया में इस तरह की सेवाओं को उपलब्ध कराने वाला सबसे बड़ा सार्वजनिक कार्यक्रम बन गया है।
10 मई 2023 यानि कि आज नई दिल्ली में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा पोषण भी पढ़ाई भी नामक राष्ट्रीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। ये कार्यक्रम प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा यानि ईसीसीई को बेहतर बनाने की प्रमुख गतिविधियों पर आयोजित है। इसका उद्देश्य शुरुआती बाल्यावस्था वाले बच्चों की देखभाल और उनकी शिक्षा पर ध्यान केन्द्रित करने की आवश्यकता को उजागर करना है। यह मिशन सक्षम आँगनवाड़ी तथा पोषण अभियान के दूसरे चरण यानि मिशन पोषण 2.2 का एक महत्वपूर्ण घटक है व राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत उल्लेखित है। यह बच्चों हेतु समग्र एवं गुणवत्तापूर्ण पूर्ण प्रोत्साहन व आरम्भिक प्राथमिक शिक्षा को बढ़ावा देने, विकासात्मक रूप से उपयुक्त शिक्षा के उपयोग को सुनिश्चित करने तथा प्राथमिक शिक्षा सहित स्वास्थ्य व पोषण संबंधी सेवाओं पर जोर देने पर ध्यान केन्द्रित करेगा। ये प्राथमिक शिक्षण निर्देश के जरिये के रूप में मातृभाषा सीखने सिखाने हेतु आँगनवाड़ी सेविकाओं को विभिन्न प्रकार की शिक्षण अधिगम सामग्री प्रदान करेगा। यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के दिशा निर्देशों के अनुसार देश की भावी पीढ़ी की नींव मजबूत करने में समुदाय को शामिल करने हेतु एक जन आन्दोलन बनाने में मदद करेगा। यह सार्वभौमिक उच्च गुणवत्ता वाला आरंभिक विद्यालय तंत्र सुनिश्चित करने हेतु एक पथ प्रदर्शक, प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा कार्यक्रम है। देशभर में करीब 13.9 लाख संचालित आँगनवाड़ी केंद्र छह वर्ष से कम उम्र के करीब आठ करोड़ बच्चों को पूरक पोषण एवं प्रारंभिक देखभाल में शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। ये दुनिया में इस तरह की सेवाओं को उपलब्ध कराने वाला सबसे बड़ा सार्वजनिक कार्यक्रम बन गया है।
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