हाल ही में भारत के राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने प्रतिष्ठित वर्ल्ड फेडरेशन फॉर मेडिकल एजुकेशन मान्यता प्राप्त कर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। NMC को यह मान्यता 10 वर्षों के लिए दी गई है। इससे भारत में सभी 706 मौजूदा मेडिकल कॉलेजों को WFME से मान्यता प्राप्त हो जाएगी। साथ ही, इससे सभी भारतीय छात्र विदेशी चिकित्सा शिक्षा और संयुक्त राज्य चिकित्सा लाइसेंस परीक्षा के लिए आवेदन करने के पात्र हो गए हैं। यह भारत में चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता व मानकों को विश्व की सर्वोत्तम प्रथाओं और बेंचमार्क के साथ संरेखित करके इसे और ज्यादा बढ़ावा देगी। साथ ही यह भारतीय चिकित्सा स्नातकों को अन्य देशों में स्नातकोत्तर और अभ्यास करने में सक्षम बनाएगा।
आए जानते है वर्ल्ड फेडरेशन फॉर मेडिकल एजुकेशन(WFME) के बारे में
इसकी स्थापना 1972 में हुई थी। यह एक वैश्विक संगठन है जो पूरी दुनिया में चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ावा देने हेतु समर्पित है। इसके द्वारा प्रदान की गई मान्यता यह सुनिश्चित करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती है कि, कोई भी चिकित्सा संस्थान शिक्षा और प्रशिक्षण के उच्चतम अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा करते हैं और उसे बनाए रखते हैं।
आए जानते है राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग(NMC) के बारे में
इसका गठन संसद के एक अधिनियम राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग अधिनियम, 2019 द्वारा किया गया, 2020 में लागू हुआ। यह भारत का प्रमुख नियामक निकाय है जो चिकित्सा शिक्षा और अभ्यास का निरीक्षण करता है। यह स्वास्थ्य देखभाल शिक्षा में उच्चतम मानकों को बनाए रखने हेतु प्रतिबद्ध है और देशभर में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा व प्रशिक्षण को सुनिश्चित करता है।
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