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Today Current Affairs: आज के ताज़ा और मुख्य करंट अफेयर्स


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Today Current Affairs


    1. प्रधानमंत्री द्वारा कॉप 28 के दौरान ग्रीन क्रेडिट पहल का शुभारंभ किया गया था। यह पर्यावरण के लिए जीवन शैली अथवा लाइफ आंदोलन के अंतर्गत सरकार की एक महत्त्वपूर्ण पहल है। ग्रीन क्रेडिट नियम 2023 को राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम 2010 के तहत अधिसूचित नहीं किया गया है। बल्कि उन्हें पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 के तहत 12 अक्टूबर 2023 को अधिसूचित किया गया। यह नियम स्वैच्छिक पर्यावरणीय सकारात्मक कार्यों को प्रोत्साहन देने के लिए एक व्यवस्था को स्थापित करते हैं। जिसके परिणाम स्वरूप ग्रीन क्रेडिट जारी किए जाते हैं। ग्रीन क्रेडिट नियम 2023 के अंतर्गत ग्रीन क्रेडिट का सृजन कार्बन क्रेडिट ट्रेडिंग स्कीम 2023 के तहत प्रदान किए गए कार्बन क्रेडिट से स्वतंत्र रूप से संचालित है।
    2. सर्वोच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति का गठन विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम 1987 की धारा 3a के तहत किया गया था। इसका उद्देश्य शीर्ष न्यायालय के अधिकार क्षेत्र के तहत आने वाले मामलों में समाज के कमजोर वर्गों को निशुल्क और सक्षम कानूनी सेवाएं प्रदान करना है। अधिनियम की धारा 3a में कहा गया है कि राष्ट्रीय विधि सेवा प्राधिकरण नेशनल लीगल सर्विस अथॉरिटी एनए एलएसए समिति का गठन करेगी। एससीएलएससी में एक अध्यक्ष और सीजेआई द्वारा नामित नौ सदस्य होते हैं। समिति सीजेआई के परामर्श से केंद्र द्वारा निर्धारित अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों की नियुक्ति कर सकती है। इसके अलावा सीजीआई समिति के सचिव की नियुक्ति कर सकते हैं।
    3. कार्बन सीमा समायोजन तंत्र या उत्सर्जन में कटौती करने के लिए यूरोपीय संघ की एक रणनीति है। साथ ही यह यूरोपीय संघ के महत्वाकांक्षी फिट फॉर 55 एजेंडा के केंद्रीय स्तंभों में से एक है। इससे घरेलू उत्पादों और आयात के बीच कार्बन की कीमत बराबर हो जाएगी। सीबीएम प्रारंभ में सीमेंट, लोहा, स्टील, एलुमिनियम उर्वरक बिजली और हाइड्रोजन जैसे कार्बन सघन आयात पर ध्यान केंद्रित करेगा जो कार्बन उत्सर्जन का सबसे अधिक जोखिम पैदा करते हैं। सीबीएम लागत में वृद्धि कर सकता है और यूरोपीय संघ को भारतीय निर्यात की प्रतिस्पर्धात्मक को कम कर सकता है। मुख्यता यह स्टील और एलुमिनियम जैसे क्षेत्रों में यूरोपीय संघ के साथ भारत व्यापार का एक बड़ा हिस्सा है।
    4. भौगोलिक संकेतक जीआई यह उन उत्पादों पर इस्तेमाल किया जाने वाला एक चिन्ह है। जिसकी एक विशिष्ट भौगोलिक उत्पत्ति होती है तथा उस उत्पत्ति से संबंधित गुण अथवा पहचान से जाने जाते हैं। यह टैग 10 वर्ष के लिए वैध होता है। भारत में भौगोलिक संकेतक रजिस्ट्री ज्योग्राफिकल इंडिकेशन रजिस्ट्री जी आईआर भौगोलिक संकेतक जीआई टैग जारी करता है। जो उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अधीन है। भौगोलिक संकेतक को बौद्धिक संपदा अधिकारों के व्यापार संबंधित पहलुओं पर समझौता ट्रिप्स तथा उत्पत्ति एवं भौगोलिक संकेत कों के अभिधान पर लिस्बन समझौते के जिनेवा अधिनियम में परिभाषित किया गया है।
    5. सामग्री उद्यम और प्रामाणिकता हेतु गठबंधन सीटू पीए भारत के नेतृत्व वाली पहल नहीं है। सीटू पीए हेतु गठबंधन वाशिंगटन स्थित गैर लाभकारी संयुक्त विकास फाउंडेशन की एक परियोजना है। जो कंटेंट ऑथेंटिसिटी इनिशिएटिव सीएआई और प्रोजेक्ट के प्रयासों को एक साथ लाती है। इसकी स्थापना फरवरी 2021 में माइक्रोसॉफ्ट और एडोब द्वारा की गई थी। इसमें एआरएम, बीबीसी, इटेल एवं ट्रूप शामिल हैं। यह मीडिया सामग्री के स्रोत तथा इतिहास या उद्यम को प्रमाणित करने के लिए तकनीकी मानकों के विकास के माध्यम से ऑनलाइन भ्रामक सूचना के प्रसार को नियंत्रित करता है।
    6. म्यामार एकमात्र दक्षिण पूर्व एशियाई देश है जो पूर्वोत्तर भारत के साथ भूमि सीमा साझा करता है। भारत के सागर विजन के हिस्से के रूप में भारत ने म्यांमार के राखी राज्य में सतवे बंदरगाह विकसित किया है। इस बंदरगाह का विकास चीनी सीमा वाले क्याऊ कपू बंदरगाह को लेकर भारत की एक ठोस प्रतिक्रिया के रूप में देखा जा सकता है। जिससे राखीन में चीन के भू-रणनीतिक पदचिन्ह को मजबूती मिलेगी। 2018 में लागू की गई मुक्त संचरण व्यवस्था फ्री मूवमेंट रेजीम एफएमआर भारत म्यामार सीमा के दोनों ओर रहने वाले लोगों को बिना वीजा एक दूसरे के क्षेत्र में 16 किमी तक जाने की अनुमति देती है।
    7. भारत संयुक्त अरब अमीरात सीइपीए एक दशक से अधिक समय में भारत द्वारा किसी प्रमुख व्यापारिक भागीदार के साथ किया गया पहला व्यापार समझौता है। भारत ने अंतिम प्रमुख एफटीए पर हस्ताक्षर वर्ष 2011 में जापान के साथ किया था। सरकार ने इस बात जोर दिया है कि इस समझौते में अन्य देशों को कम टैरिफ से लाभ उठाने के लिए संयुक्त अरब अमीरात के माध्यम से अपने निर्यात को फिर से शुरू करने हेतु समझौते का उपयोग करने से रोकने के लिए कड़े मूल नियम शामिल हैं। समझौते के तहत कम टैरिफ के लिए अर्हता प्राप्त करने हेतु अधिकांश उत्पादों को नए समझौते के तहत निर्यातक देश में 40% मूल्यवर्धन की आवश्यकता होती है।
    8. विधि का नियम सूचकांक वस्तुतः यह विश्व न्याय परियोजना वर्ल्ड जस्टिस प्रोजेक्ट के तहत जारी किया जाता है। वर्ल्ड जस्टिस प्रोजेक्ट रूल ऑफ लॉ इंडेक्स 2023 विश्व के 142 देशों और न्याय क्षेत्रों का आकलन करता है। लगातार छठे वर्ष अधिकांश देशों में कानून के शासन में गिरावट आई है। भारत ने इस वर्ष इसमें 79 वां स्थान हासिल किया है।

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