Today Current Affairs: आज के ताज़ा और मुख्य करंट अफेयर्स - MSD News

This website of MSD News makes the students preparing for government jobs aware of the current affairs and latest news of the country.

Home Top Ad

Post Top Ad

Today Current Affairs: आज के ताज़ा और मुख्य करंट अफेयर्स

current affairs today

राष्ट्रीय मूल्यांकन और प्रत्यायन परिषद

राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यानी यूजीसी के तहत एक स्वायत निकाय है। यह भारत में उच्च शैक्षणिक संस्थानों की गुणवत्ता का आकलन करने के लिए जिम्मेदार है। इसकी स्थापना वर्ष 1994 में हुई थी। एक बहुस्तरीय प्रक्रिया के माध्यम से कोई उच्च शिक्षा संस्थान यह जान सकता है कि क्या वह पाठ्यक्रम, संकाय, बुनियादी ढांचे, अनुसंधान और अन्य मापदंडों के संदर्भ में मूल्यांकन कर्ता द्वारा निर्धारित गुणवत्ता के मानको को पूरा करता है। संस्थानों की रेटिंग A++ से लेकर C तक होती है। यदि किसी संस्थान को D ग्रेड दिया गया है तो इसका मतलब है कि वह मान्यता प्राप्त नहीं है।

राजाजी टाइगर रिजर्व

राजाजी टाइगर रिजर्व हरिद्वार उत्तराखंड में शिवालिक रेंज की तलहटी में स्थित है। इसकी स्थापना वर्ष 1983 में उत्तराखंड के तीन अभ्यारण्य यानी राजाजी, मोतीचूर और चीला को मिलाकर की गई थी। इसे वर्ष 2015 में देश का 48वां बाग अभ्यारण्य घोषित किया गया था। इसका नाम प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी सी राजगोपालाचारी के नाम पर रखा गया था। जो लोकप्रिय रूप से राजा जी के नाम से जाने जाते हैं।

कौन सा त्यौहार सूर्य का मकर राशि में प्रवेश को दर्शाता है

मकर संक्रांति सूर्य का मकर राशि में प्रवेश को दर्शाती है। क्योंकि यह अपने आकाशीय पथ पर यात्रा करता है। यह दिन ग्रीष्म ऋतु की शुरुआत और हिंदुओं के लिए छ महीने की शुभ अवधि का प्रतीक है। जिसे उत्तरायण, सूर्य की उत्तर की ओर गति के रूप में जाना जाता है। इस दिन से जुड़े उत्सव को देश के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग नामों से जाना जाता है। उत्तर भारतीय हिंदुओं और सिखों द्वारा लोहड़ी के रूप में, मध्य भारत में संकरात, असमय हिंदुओं द्वारा भोगली बिहू, तमिल और अन्य दक्षिण भारतीय हिंदुओं द्वारा पोंगल के रूप में जाना जाता है।

हसदेव नदी

हसदेव नदी महानदी की सहायक नदी है। यह गोदावरी और कृष्णा के बाद प्रायद्वीप भारत की तीसरी सबसे बड़ी तथा उड़ीसा राज्य की सबसे बड़ी नदी है। नदी का जल ग्रहण क्षेत्र छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उड़ीसा, झारखंड और महाराष्ट्र तक फैला हुआ है।

तसर रेशम की सरिहान

तसर रेशम की सरिहान किस्म दुमका जिले में पाई जाती है। शहतूत, इरी और मुगा किस्म सामान्य रूप से पाई जाती है। जिन्हें घर के अंदर उत्पादित किया जा सकता है। लेकिन तसर प्राकृतिक रूप से जंगल में मिलती है। रेशम का वितरण विश्व का 90% से भी अधिक रेशम एशिया में उत्पादित होता है। रेशम उत्पादन के मामले में भारत चीन की बाद द्वितीय स्थान पर है और साथ ही भारत विश्व में रेशम का सबसे बड़ा उपभोक्ता भी है। भारत में शहतूत रेशम का उत्पादन मुख्यत कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, जम्मू व कश्मीर तथा पश्चिम बंगाल में किया जाता है। जबकि गैर-शहतूत रेशम का उत्पादन झारखंड, छत्तीसगढ़, उड़ीसा तथा उत्तर पूर्वी राज्यों में होता है।

कॉर्बेट टाइगर रिजर्व

कॉर्बेट टाइगर रिजर्व उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्थित है। प्रोजेक्ट टाइगर वर्ष 1973 में कॉर्बेट नेशनल पार्क भारत का पहला राष्ट्रीय उद्यान में शुरू किया गया था। जो कॉर्बेट टाइगर रिजर्व का हिस्सा है। इस राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना 1936 में लुप्त प्राय बंगाल बाग की रक्षा के लिए, हैली नेशनल पार्क के रूप में की गई थी। इसका नाम जिम कॉर्बेट के नाम पर रखा गया है। जिन्होंने इसकी स्थापना में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। मुख्य क्षेत्र कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान बनाता है। जबकि बफर में आरक्षित वनों के साथ-साथ सोना नदी वन्यजीव अभ्यारण्य भी शामिल है। रिजर्व का पूरा क्षेत्र पहाड़ी है और शिवालिक एवं बाहरी हिमा भूवैज्ञानिक प्रांतों में पड़ता है। रामगंगा, सोन नदी, मंडल, पलन और कोसी रिजर्व से बहने वाली प्रमुख नदियां हैं।

सिद्धार्थ नगर

सिद्धार्थ नगर का निर्माण 29 दिसंबर 1988 को हुआ था। यह अपनी अच्छी खेती के लिए जाना जाता है। यहां की मिट्टी एवं जलवायु धान की खेती के लिए अच्छी है। चावल की एक किस्म जिसे काला नमक के नाम से जाना जाता है। पूरे देश में लोकप्रिय है।

विश्व में कच्चे रेशम का सबसे बड़ा उत्पादक कौन

रेशम का सबसे बड़ा उत्पादक चीन है। रेशम रसायन की भाषा में रेशम कीट के रूप में विख्यात इल्ली द्वारा निकाले जाने वाले एक प्रोटीन से बना होता है। यह रेशम कीट कुछ विशेष खाद्य पौधों पर पलते हैं। तथा अपने जीवन को बनाए रखने के लिए सुरक्षा कवच के रूप में कोकून का निर्माण करते हैं। व्यवसायिक महत्व के दृष्टिकोण से रेशम की कुल पांच किस्में होती हैं। जो रेशम कीट की विभिन्न प्रजातियों से प्राप्त होती हैं और विभिन्न खाद्य पौधों पर पलती हैं। यह किस्में निम्नलिखित है
  1.   शहतूत
  2. ओक तसर
  3. उष्ण कटिबंधीय तसर
  4. मूगा
  5. एरी

भारत में इन सभी प्रकार के वाणिज्यिक रेशम का उत्पादन होता है। शहतूत के अलावा रेशम के अन्य गैर शहतूत किस्मों को सामान्य रूप में वन्य कहा जाता है।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें


job

💼 नवीनतम जॉब पोस्ट

Current Affairs

📰 करंट अफेयर्स से जुड़ी ताज़ा पोस्ट

Business Idea

💼 बिज़नेस आइडियाज़ से जुड़ी पोस्ट

Trending

Popular Posts

Post Bottom Ad

Pages