चुनाव आयोग ने 2024 लोकसभा चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। बीते दिन सोमवार को चुनाव आयोग ने बच्चों और नाबालिगों को चुनाव प्रचार में शामिल न करने के निर्देश जरी किए हैं। आयोग ने सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा है कि आम चुनाव में बच्चों और नाबालिगों को प्रचार पंपलेट बांटते, पोस्टर चिपकाते, नारे लगाते या पार्टी के झंडे और बैनर लेकर नहीं दिखना चाहिए। चुनाव संबंधी कार्यों और चुनाव प्रचार गतिविधियों में बच्चों को शामिल करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिसमें कविता, गीत, नारे या बच्चों द्वारा बोले गए शब्द या किसी राजनीतिक दल या उम्मीदवार के प्रतीकों को प्रदर्शित करना शामिल है।
अगर कोई भी पार्टी अपने चुनावी प्रचार में बच्चों को शामिल करती हुई पाई जाती है, तो बाल श्रम से संबंधित सभी अधिनियमों और कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में कार्रवाई करने की जिम्मेवारी जिला निर्वाचन पदाधिकारी एवं निर्वाची पदाधिकारी को दी गयी है। हालाँकि, किसी राजनीतिक नेता के आसपास अपने माता-पिता या अभिभावक के साथ एक बच्चे की उपस्थिति चुनाव अभियान गतिविधि नहीं मानी जाएगी और इसे इस दिशानिर्देश का उल्लंघन नहीं माना जाएगा।
आयोग ने अपने दिशानिर्देशों में बॉम्बे हाई कोर्ट के एक फैसले का हवाला देते हुए कहा कि संशोधित अधिनियम, 2016 के अनुसार, सभी राजनीतिक दलों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि बच्चे चुनाव प्रचार में शामिल न हों और पार्टियों को अपने उम्मीदवारों को इसकी अनुमति नहीं देनी चाहिए।
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