प्रक्रितक लाइट न केवल हमारे घर की बिजली कि बचत करती हैं बल्कि हमारे स्वास्थ्य के लिए भी बहुत फायदेमंद होती हैं। आइए जानते हैं कि रात-दिन बल्ब की रोशनी में रहने पर हमारे स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ेगा:
आज के युग में तेजी से बढ़ रहे शहरीकरण और आधुनिक लाइफस्टाइल में, हम में से बहुत से लोग घर में रहना पसंद करते है, या कहे वहा रहना पसंद करते है जहां प्रक्रितक लाइट की कमी होती है। हमारे जीवन में प्रक्रितक लाइट की कमी और बिजली कि तेज रौशनी वल्र बल्ब और ट्यूब लाइट्स का अधिक उपयोग आंखों की सेहत के लिए बहुत हानिकारक होता है। इससे आँखों में तनाब पैदा होता है नींद कि समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती है। अधिक रोशनी शरीर के प्रक्रितक सर्केडियन रिदम को बाधित करती है, जिससे नींद न आना या नींद की गुणवत्ता में कमी आ सकती है। बिजली कि तेज रौशनी का प्रभाव हमारे मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। जब हम दिन-रात लाइट और बल्ब की रोशनी में रहते हैं, तो इससे हमारी नींद प्रभावित होने लगती है। पर्याप्त और गहरी नींद न ले पाने के कारन हमारा सर्केडियन रिदम भी बाधित होने लगता है। हाल में हुए एक रिसर्च से पता चलता है कि कृत्रिम प्रकाश, जैसे कि बल्ब और ट्यूबलाइट्स की रोशनी में लगातार रहने से टाइप 2 डायबिटीज का खतरा भी बढ़ जाता है। इससे बचे और प्रकृति का आनंद ले, घर कि रोशनी में जरूरी कार्य करें पर दिन के समय प्राकृतिक रोशनी का इस्तेमाल करें।
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