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बुधवार, 7 फ़रवरी 2024

खाद्य उत्पादों के लिए एकाधिक प्रमाणीकरण की आवश्यकता नहीं

fssai

भारत सरकार ने खाद्य सुरक्षा और मानक नियमों में विभिन्न संशोधनों को मंजूरी दे दी है। इसके तहत खाद्य उत्पादों के लिए अब केवल FSAAI प्रमाणीकरण की आवश्यकता होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण FSSAI इस संबंध में एक मसौदा अधिसूचना जारी करेगा। इसके साथ ही संशोधनों को अंतिम रूप देने से पहले हित धारकों की टिप्पणियां भी मांगी जाएगी। यदि इन संशोधनों को अंतिम रूप दिया जाता है तो खाद्य उत्पादों के लिए भारतीय मानक ब्यूरो BIS और एगमार्क से प्रमाणन की आवश्यकता नहीं होगी। इन विनियमों में दूध, वसा उत्पादों के मानकों का संशोधन शामिल है। प्राधिकरण मांस उत्पादों के मानकों के हिस्से के के रूप में, हलीम के लिए भी मानक तय करेगा। हलीम एक प्रकार का व्यंजन है, जो मांस, दाल, अनाज और अन्य सामग्रियों से बना होता है। इसके लिए फिलहाल कोई मानक तय नहीं है।
भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण FSSAI यह खाद्य संरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत स्थापित एक स्वायत्त सांविधिक निकाय है। इसकी स्थापना साल 2008 में की गई थी। इसका मुख्यालय दिल्ली में है, भारत सरकार का स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय FSSAI का प्रशासनिक मंत्रालय है।

FSSAI के कार्य

  1. खाद्य सुरक्षा के मानक और दिशा निर्देश तय करने के लिए नियम बनाना
  2. खाद्य व्यवसायों के लिए FSSAI खाद्य सुरक्षा लाइसेंस और प्रमाणन प्रदान करना
  3. खाद्य व्यवसायों में प्रयोगशालाओं के लिए प्रक्रिया और दिशा निर्देश निर्धारित करना
  4. नीतियां बनाने में सरकार को सुझाव देना और अन्य
भारतीय मानक ब्यूरो BIS यह वस्तु के मानकीकरण अंकन और गुणवत्ता प्रमाणन की गतिविधियों के सामंजस्य पूर्ण विकास के लिए भारत का राष्ट्रीय मानक निकाय है। इसे BIS अधिनियम 1986 द्वारा स्थापित किया गया था। जो दिसंबर 1986 में लागू हुआ था। साथ ही वर्ष 2017 में एक नया BIS अधिनियम 2016 लागू किया गया। BIS उपभोक्ता मामले खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के तत्वाधान में काम करता है।

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