बेंगलुरु के रमन रिसर्च इंस्टिट्यूट यानी RRI के एक शोध समूह ने एक नई छवि सुधार तकनीक तैयार की है। यह तकनीक अल्ट्रा कोल्ड परमाणुओं के अध्ययन के दौरान बेहतर छवियां प्राप्त करने में सक्षम है। अल्ट्रा कोल्ड परमाणुओं के अध्ययन के लिए आमतौर पर इस्तेमाल की जाने वाली तकनीक उच्च शक्ति, लेजर शीतलन तकनीकों के साथ मैग्नेटो ऑप्टिकल ट्रैप को फैलाया जाता है। इसमें आमतौर पर सोडियम, पोटैशियम जैसे तत्त्वों के ठंडे परमाणुओं का अध्ययन किया जाता है। इनकी जांच के लिए प्रतिदीप्ती, अवशोषण और फेज कंट्रास्ट इमेजिंग तकनीकों का उपयोग किया जाता है। इन तकनीकों का उपयोग करके प्राप्त की गई छवियां अक्सर अनवांटेड इंटरफेरेंस फ्रिंज के कारण खराब हो जाती हैं। इसकी उपस्थिति परमाणु संख्या, तापमान जैसे मापदंडों की सटीक गणना करने में बाधा उत्पन्न करती है। इसी समस्या के समाधान के लिए इस नई तकनीक का विकास किया गया है। RRI टीम ने दावा किया है कि प्रस्तावित तकनीक ठंडे परमाणुओं के अवशोषण इमेजिंग में इंटरफेरेंस फ्रिंज को लगभग 50% तक कम कर सकती है। इसके अलावा जब इस एल्गोरिदम को लागू किया गया था, तो ठंडे रूबेडियम परमाणुओं में तापमान अनिश्चितता हों में 50% का उल्लेखनीय सुधार हुआ था।
रमन रिसर्च इंस्टिट्यूट(RRI) एक स्वायत अनुसंधान संस्थान है। इसकी स्थापना साल 1948 में भारतीय भौतिक विज्ञानी और नोबेल पुरस्कार विजेता सर सीवी रमन द्वारा की गई थी। यह बेंगलुरु में स्थित है।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें