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Annual Industry Survey Report: वार्षिक उद्योग सर्वेक्षण रिपोर्ट

Annual Industry Survey Report

Annual Industry Survey Report: वार्षिक उद्योग सर्वेक्षण ने हाल ही में साल 2020-21 और 2021-22 के लिए एक रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट के मुताबिक विनिर्माण क्षेत्र में लगे लोगों की संख्या और उनके द्वारा अर्जित मजदूरी की राशि वित्त वर्ष 2021 में मामूली गिरावट के बाद वित्त वर्ष 2022 में वापस अपने स्तर पर पहुंच गई है। आंकड़ों की माने तो प्रति कारखाना औसत श्रमिकों की संख्या 2021-22 में 54.4 रही जबकि 2020-21 में 50.3 और 2019-20 में 53 थी। दो दशकों में पहली बार कारखानों की संख्या में मामूली गिरावट आई है। वहीं जो कारखाने मौजूद हैं, वे प्रति कारखाने अधिक लोगों को रोजगार देते हैं। इसके साथ ही बड़ी फैक्ट्रियां भारत की विनिर्माण क्षेत्र में अपने छोटे समकक्षों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं। यह आंकड़े आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण में दिए गए डेटाबेस की पुष्टि करते हैं। विनिर्माण GVA में 2019-20 में 2.5% का संकुचन देखने को मिला। जबकि 2020-21 और 2021-22 में क्रमशः 8.2% और 16% की वृद्धि हुई। समग्र विनिर्माण GVA के लिए 2019-20 में 3% का संकुचन देखा गया। जबकि 2021-22 में 11.1% की वृद्धि देखी गई। 2021-22 में कारखानों की संख्या 467 तक गिरकर 249,987 हो गई। जबकि इस अवधि के दौरान श्रमिकों और व्यक्तियों दोनों की संख्या में वृद्धि हुई। श्रमिकों को दिया जाने वाला कुल वेतन 2021-22 में पूर्व महामारी के स्तर पर पहुंच गया था। वहीं साल 2018-19 में श्रमिकों की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर 4% रही।
वार्षिक उद्योग सर्वेक्षण भारत में औद्योगिक आंकड़ों का प्रमुख स्रोत और संगठित विनिर्माण पर सबसे व्यापक डाटा है। इसमें बिजली का उपयोग करके 10 या अधिक श्रमिकों को नियोजित करने वाले सभी कारखानों और बिजली का उपयोग किए बिना 20 या अधिक श्रमिकों को नियोजित करने वाले सभी कारखाने शामिल हैं।
सकल मूल्य वर्धित यह आपूर्ति पक्ष से समान राष्ट्रीय आय की गणना करता है। आरबीआई के अनुसार किसी सेक्टर के GVA को आउटपुट के मूल्य से उसके मध्यस्थ इनपुट के मूल्य के रूप में परिभाषित किया जाता है। यह वर्धित मूल्य उत्पादन श्रम और पूंजी के प्राथमिक कारकों के बीच साझा किया जाता है। GVA ग्रोथ को देखकर यह पता लगाया जा सकता है कि अर्थव्यवस्था का कौन सा क्षेत्र मजबूत हुआ है और कौन सा संघर्ष कर रहा है।

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