जालंधर, 20 जनवरी: पंजाब सरकार ने सहकारी हाउसिंग सोसाइटियों में रहने वाले गैर-मूल अलॉटीज़ को बड़ी राहत देते हुए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को सरल बनाने की दिशा में अहम कदम उठाया है। राज्य सरकार ने ऐसी सोसाइटियों के गैर-मूल अलॉटीज़ और ट्रांसफरीज़ के लिए सीमित समय के लिए रियायती स्टांप ड्यूटी की घोषणा की है, जिससे हजारों लोगों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
12 जनवरी से लागू हुई योजना
इस संबंध में जानकारी देते हुए उप रजिस्ट्रार, सहकारी सभाएं, जालंधर गुरविंदरजीत सिंह ने बताया कि सहकारिता विभाग, पंजाब सरकार द्वारा यह योजना 12 जनवरी 2026 से लागू की गई है। यह रियायत उन दस्तावेजों पर लागू होगी जो रजिस्ट्रेशन के लिए प्रस्तुत किए जाएंगे और जिनका मूल्य कंसिडरेशन राशि या कलेक्टर रेट (जो भी अधिक हो) के आधार पर तय किया जाएगा।
तारीख के अनुसार तय की गई स्टांप ड्यूटी दरें
अधिसूचना के अनुसार स्टांप ड्यूटी की दरों को चरणबद्ध तरीके से लागू किया गया है—
- 31 जनवरी 2026 तक रजिस्ट्रेशन कराने पर स्टांप ड्यूटी केवल 1 प्रतिशत
- 1 फरवरी से 28 फरवरी 2026 तक यह दर 2 प्रतिशत
- 1 मार्च से 31 मार्च 2026 तक स्टांप ड्यूटी 3 प्रतिशत रहेगी
- जबकि 31 मार्च 2026 के बाद स्टांप ड्यूटी की सामान्य दरें लागू हो जाएंगी।
रजिस्ट्रेशन फीस भी कम, कई चार्ज पूरी तरह माफ
उप रजिस्ट्रार ने बताया कि रियायती अवधि के दौरान रजिस्ट्रेशन फीस 1 प्रतिशत (अधिकतम 2 लाख रुपये तक) निर्धारित की गई है। इसके साथ ही SIC, PIDB और SIDF जैसे अतिरिक्त चार्ज पूरी तरह माफ रहेंगे, जिससे आम लोगों पर आर्थिक बोझ कम होगा।
लोगों से योजना का लाभ उठाने की अपील
गुरविंदरजीत सिंह ने गैर-मूल अलॉटीज़ और ट्रांसफरी प्रॉपर्टी धारकों से अपील की है कि वे इस सीमित समय की योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और तय समय सीमा के भीतर अपनी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी करवाएं।
इस योजना से संबंधित अधिक जानकारी के लिए लाभार्थी उप रजिस्ट्रार, सहकारी सभाएं, जालंधर कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।

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