सर्दी और लाएगी 'सीतम', मैदानी इलाकों में माइनस 4 डिग्री तक गिर सकता है तापमान
Winter
पूरा उत्तर भारत कड़ाके की सर्दी की मार झेल रहा है। रात के बाद दिन के तापमान में बढ़ोतरी नहीं हो रही है। कोहरे और 'पिघल' ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मैदानी इलाकों में स्थिति और भी खराब है। दिल्ली समेत पश्चिमी यूपी, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और उत्तराखंड के मैदानी इलाकों में हाड़ कंपा देने वाली ठंड पड़ रही है। आज गुरुवार को मौसम का मिजाज कुछ शांत रहा। कई इलाकों में धूप खिली रही, लेकिन आने वाले दिन और भी मुश्किल भरे रहने वाले हैं।
एक मौसम विशेषज्ञ ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में उत्तर भारत के लोगों को कड़ाके की सर्दी का सामना करना पड़ेगा। यह मौसम विज्ञानी नवदीप दहिया हैं। उन्होंने कहा है कि 14 से 19 जनवरी तक उत्तर भारत के लोगों को भीषण शीत लहर का सामना करना पड़ेगा। इस बात की जानकारी नवदीप ने ट्वीट के जरिए शेयर की है। उन्होंने नक्शे की मदद से बताया है कि अगले कुछ दिनों में उत्तर भारत के किन-किन इलाकों में मौसम का कहर देखने को मिलेगा।
Don't know how to put this up but upcoming spell of #Coldwave in #India look really extreme during 14-19th January 2023 with peak on 16-18th, Never seen temperature ensemble going this low in a prediction model so far in my career.
— Weatherman Navdeep Dahiya (@navdeepdahiya55) January 11, 2023
Freezing -4°c to +2°c in plains, Wow! pic.twitter.com/pyavdJQy7v
इस नक्शे से पता चलता है कि जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के अधिकांश इलाकों के अलावा पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिम उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भीषण सर्दी पड़ने वाली है। अपने ट्वीट में नवदीप ने लिखा है कि शीत लहर का अगला दौर 14-19 जनवरी 2023 तक अपने चरम पर होगा। खासकर 16 से 18 जनवरी को इसका सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा। नवदीप ने लिखा कि उन्होंने अपने करियर में मॉडल्स की भविष्यवाणी करने में इतना कम तापमान नहीं देखा है। उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में तापमान -4°c से +2°c तक नीचे जा सकता है। उधर, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग(IMD) ने भी कहा है कि शनिवार से दिल्ली और उसके पड़ोसी राज्यों में शीत लहर की स्थिति बने रहने की संभावना है। गौरतलब है कि इस साल जनवरी में उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। दिन में तापमान में बढ़ोतरी नहीं होने से लोग गलन महसूस कर रहे हैं। आने वाले दिनों के बारे में जो भविष्यवाणी की गई है वह वास्तव में चिंताजनक है।

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