पंजाब में नशा मुक्ति यात्रा बनी उम्मीद की किरण – गांव-गांव जागरूकता की अलख

Say No To Drugs


जालंधर, 17 मई: पंजाब के बागवानी, स्वतंत्रता सेनानी और रक्षा सेवा कल्याण मंत्री मोहिंदर भगत ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान और आप संयोजक अरविंद केजरीवाल द्वारा शुरू की गई ‘नशा मुक्ति यात्रा’ गांव-गांव में नशे के खिलाफ एक मजबूत जनआंदोलन का रूप ले चुकी है।

क्या है नशा मुक्ति यात्रा?
यह कोई राजनीतिक यात्रा नहीं, बल्कि समाज को नशे की बुराई से मुक्ति दिलाने की एक सामूहिक पहल है। इस अभियान के ज़रिए अब तक हजारों गांवों में पहुंचकर युवाओं को जागरूक किया गया है।

कुछ अहम बातें:

  • फिल्लौर के गांवों में अब वे युवा भी इस यात्रा का हिस्सा बन रहे हैं, जो पहले खुद नशे के शिकार थे।

  • अब तक 15,000 से अधिक गांवों और वार्डों में जन-जागरूकता का संदेश पहुँचाया जा चुका है।

  • रोज़ाना 351 गांवों में ग्राम सभाएं की जा रही हैं ताकि हर कोने तक यह संदेश पहुंचे।

सरकार की सख्त कार्रवाई:

  • अब तक 86 नशा तस्करों की संपत्तियों पर बुलडोजर चलाया गया।

  • 75 तस्कर मुठभेड़ों में पकड़े गए – यह बताता है कि पंजाब सरकार की नीति स्पष्ट है:
    "या तो नशा छोड़ो, या पंजाब छोड़ो!"

सच्चे हीरो को मिल रहा सम्मान:
जो लोग खुद नशे से बाहर निकलकर आज दूसरों को प्रेरित कर रहे हैं, सरकार उन्हें सम्मानित कर रही है। मंत्री भगत ने कहा कि समाज को ऐसे लोगों का साथ देना चाहिए, जिससे वे प्रेरणा बन सकें।

सांझी जिम्मेदारी, नशामुक्त पंजाब:
श्री भगत ने कहा, “यह केवल सरकार की नहीं, हम सबकी लड़ाई है। हर युवा, हर माता-पिता, हर पंचायत को इसमें शामिल होना होगा। तभी पंजाब सच में नशामुक्त बन पाएगा।”

यह आंदोलन एक नई सुबह की ओर कदम है- आइए, इस मुहिम का हिस्सा बनें और नशे के अंधेरे को हमेशा के लिए मिटा दें।