भगवान शनिदेव के बारें में कुझ रोचक तथ्य - MSD News

This website of MSD News makes the students preparing for government jobs aware of the current affairs and latest news of the country.

Home Top Ad

Post Top Ad

भगवान शनिदेव के बारें में कुझ रोचक तथ्य


shanidev


शनि देव का जन्मस्थान-सौराष्ट्र,

गोत्र-कश्यप,

पिता-सूर्य,

माता-छाया,

भ्राता-यम,

बहन-यमुना, ताप्ती

वाहन-कौआ,

गुरु-शिव है

शनि सूर्य पुत्र व यम के बड़े भाई हैं। शनि मनुष्य को उसके शुभाशुभ कर्मों के अनुसार फल देते है जबकि यम मृत्योपरान्त कर्मों का फल देते है। शनि को इस सृष्टि के संतुलन चक्र का नियामक माना जाता है। इसे न्याय का कारक इसलिए माना जाता है क्योंकि यह मनुष्य को उसकी गलतियों और पाप कर्मों के लिए दण्डित करके मानवता की रक्षा करते है। इसलिए शनि को भक्षक नहीं अपितु रक्षक माना जाता है। फलित ज्योतिष में शनि को सेवा, अध्यात्म, कानून, कूटनीति एवं राजनीति का कारक माना जाता है। शास्त्रों में शनिदेव को नीले वस्त्र धारण करने वाला, हाथों में धनुष और शूल धारण किये हुए, और ज्योतिष विद्या के अनुसार हाथी, घोड़ा, शेर, सियार, हिरन, गधा और कुत्ता, भैंसा व गिद्ध शनि देव के नौ वाहन हैं।



शनि सर्वश्रेष्ठ क्यूँ ?

हमारा जीवन नवग्रहों द्वारा संचालित है परंतु ग्रहों में शनि को सर्वाधिक प्रभावशाली व महत्वपूर्ण माना गया है, कहा जाता है कि शिव भक्त शनि की माता छाया ने अपने गर्भ में पल रहे शनि की चिंता किए बगैर भगवान शिव की कठोर तपस्या की जिसके परिणामस्वरूप शनि का रंग काला हो गया। प्रकाश व रोशनी के द्योतक पिता सूर्य को शनि का काला रंग अच्छा नहीं लगा और उन्होंने शनि को अपना पुत्र मानने से इनकार कर दिया। इस बात पर शनि अपने पिता से नाराज हो गये और शिवाराधना प्रारंभ कर दी। शिव ने उन्हें वरदान दिया कि तुम सभी ग्रहों में सबसे शक्तिशाली बनोगे और तभी से शनि सभी ग्रहों में सर्वशक्तिमान हो गये।







कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें


job

💼 नवीनतम जॉब पोस्ट

Current Affairs

📰 करंट अफेयर्स से जुड़ी ताज़ा पोस्ट

Business Idea

💼 बिज़नेस आइडियाज़ से जुड़ी पोस्ट

Trending

Popular Posts

Post Bottom Ad

Pages