Header Ads

आज बृहस्पतिवार 27 अप्रैल को प्रात: 7 बजकर 10 मिनट पर दिव्य अलौकिक नमो नारायण श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खोले गए

Shri Badrinath Dham

श्री हरि बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने के विषय में मान्यता है कि, भगवान बद्रीविशाल जी के महाभिषेक के लिए तिल का तेल का प्रयोग किया जाता है। इस तेल को टिहरी राजदरबार में सुहागिन महिलाओं द्वारा विशेष पोशाक पहन कर तैरार करने के उपरांत डिम्मर गांव के डिमरी आचार्यों द्वारा लाए गए कलश में भर दिया जाता है जिसे गाड़ू घड़ा कहते हैं। इसी कलश को श्री बद्रीनाथ पहुंचाने की प्रक्रिया गाडू घड़ा कलश यात्रा कहलाती है।

कोई टिप्पणी नहीं

job

💼 नवीनतम जॉब पोस्ट

Current Affairs

📰 करंट अफेयर्स से जुड़ी ताज़ा पोस्ट


Blogger द्वारा संचालित.