कॉलेज में खुदाई के दौरान पंचमुखी शिवलिंग देखकर हैरान रह गए लोग, पूजा के लिए उमड़ी भीड़
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बिहार के औरंगाबाद में सिन्हा कॉलेज में वाणिज्य भवन निर्माण की नींव की खुदाई के दौरान पंचमुखी शिवलिंग को देखकर लोग हैरान रह गए। जब से शहर के प्रतिष्ठित कॉलेज में खुदाई के दौरान पंचमुखी शिवलिंग मिला है, तब से लोग चर्चा कर रहे हैं कि कई सालों से वीरान पड़े इस इलाके में जमीन के नीचे से शिवलिंग कहां से आया। लोग इसलिए भी ज्यादा हैरान हैं क्योंकि शिवलिंग पूरी तरह नक्काशी के साथ काले और भूरे रंग के मिश्रित पत्थर से बना है। शिवलिंग मिलते ही वहां मौजूद कर्मियों ने उसे बाहर निकाला, जिसे देखने के लिए कॉलेज परिसर में लोगों की भीड़ जमा हो गई। लोग अपने-अपने तरीके से शिवलिंग की पूजा करने लगे।
वहीं निर्माण कार्य में लगे ठेकेदार ने बताया कि चार दिन पूर्व जब पिलिंग के लिए गड्ढा बनाया जा रहा था, उसी समय मशीन का ब्लेड जमीन से करीब चार फुट नीचे लग गया और ऐसा लग रहा था। हो सकता है कि कोई बड़ा पत्थर नीचे दब गया हो। जब खुदाई शुरू हुई तो एक फीट ऊंचा पंचमुखी शिवलिंग मिला और इसकी जानकारी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. वेदप्रकाश चतुर्वेदी और लेखाकार मनोज कुमार सिंह को दी गई।
इस संबंध में कॉलेज के प्राचार्य ने बताया कि भवन निर्माण के लिए की जा रही खुदाई के दौरान शिवलिंग के होने की सूचना मिली थी। शिवलिंग विशेष चमकदार धातु से बना है। उन्होंने कहा कि ऐसी जानकारी प्राप्त हुई है कि प्राचीन काल में टेकरी महाराज का उस स्थान पर कार्यालय था और उनके कर्मचारी राजस्व वसूली के लिए यहां रहते थे। संभव है कि यह प्रतिमा उन्हीं के द्वारा स्थापित की गई हो जो समय के साथ दब गई।
वहीं पंचमुखी शिवलिंग मिलने से आसपास के इलाकों में इसकी चर्चा जोरों पर है और लोग इसे सूर्य मंदिर के काल से जोड़कर भी देख रहे हैं। वहीं कुछ लोग यह चर्चा भी करते नजर आ रहे हैं कि पंचमुखी शिवलिंग में उकेरी गई पांच आकृतियां तथागत की हैं, जो शाक्य वंश से जुड़े कई अनकहे इतिहास की परतें खोल सकती हैं।
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