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मंगलवार, 16 नवंबर 2021

रूस द्वारा भारत को सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली S-400 Triumph की आपूर्ति पर अमेरिका ने चिंता व्यक्त की


अमेरिका ने रूस द्वारा भारत को सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली एस-400 ट्रायम्फ की आपूर्ति पर चिंता व्यक्त की है, लेकिन सौदे से कैसे निपटा जाए, इस पर कोई निर्णय नहीं लिया है। यह बात पेंटागन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कही। S-400 को रूस की सबसे उन्नत लंबी दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली हथियार प्रणाली माना जाता है।
इस आपूर्ति पर भारतीय वायु सेना की ओर से कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है, लेकिन रूस की संघीय सेवा सैन्य-तकनीकी सहयोग (FSMTC) के निदेशक दिमित्री शुगेव ने पिछले सप्ताह स्पुतनिक समाचार एजेंसी को बताया कि इन मिसाइलों की आपूर्ति की योजना बनाई गई थी। पेंटागन के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने बीते दिन सोमवार को एक प्रेस वार्ता में एक सवाल के जवाब में कहा, "हमने इस प्रणाली के बारे में अपने भारतीय भागीदारों के सामने अपनी चिंता स्पष्ट रूप से व्यक्त की है।" उनसे पूछा गया कि भारत को एस-400 की पहली खेप मिलने को लेकर रक्षा विभाग कितना चिंतित है।
किर्बी ने संकेत दिया कि अमेरिका को अभी यह तय करना है कि भारत-रूस लेनदेन से कैसे निपटा जाए। और कहा कि "हमें निश्चित रूप से उस प्रणाली के बारे में चिंता है, लेकिन मेरे पास आपके लिए कोई नई जानकारी नहीं है," समझा जाता है कि मिसाइल प्रणाली के कुछ घटकों की आपूर्ति शुरू हो गई है और सभी महत्वपूर्ण घटकों को भारत तक पहुंचना बाकी है। 
अमेरिका के उप विदेश मंत्री वेंडी शेरमेन ने पिछले महीने भारत यात्रा के दौरान कहा था कि एस-400 मिसाइलों का इस्तेमाल करने का फैसला करने वाला कोई भी देश किसी के सुरक्षा हित में नहीं बल्कि 'खतरनाक' है। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि अमेरिका और भारत खरीद को लेकर मतभेदों को सुलझा लेंगे। समझा जा रहा है कि इस मामले पर भारत और अमेरिका के बीच चर्चा चलरही है। 
अक्टूबर 2018 में भारत ने रूस के साथ S-400 वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली की पांच इकाइयों को खरीदने के लिए 5 बिलियन डोलर के समझौते पर हस्ताक्षर किए। उस समय ट्रंप प्रशासन ने चेतावनी दी थी कि अमेरिका इस तरह के सौदे पर प्रतिबंध लगा सकता है। बाइडेन प्रशासन ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि क्या वह अपने कानून के प्रावधानों के तहत एस-400 मिसाइल प्रणाली खरीदने के लिए भारत पर प्रतिबंध लगाएगा या नहीं।

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