Header Ads

महान भजन लेखक बलबीर निर्दोष का निधन

जालंधर(विशाल) भजन सम्राट और देश के नामी गायकों को शब्द देने वाले बलबीर निर्दोष जी आज इस दुनिया को सदा सदा के लिए अलविदा कह गए। वह पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे। उनका अंतिम संस्कार कल (मंगलवार) 12 बजे किशनपुरा श्मशानघाट में किया जाएगा। 
उनका चर्चित भजन ‘माँ ने आप बुलाया है, हुन मौजां ही मौजां’ महामाई के हर भक्त के मुख पर रहता है। आज वे महामाई की गोद में निद्रालीन हो गए। कोटली थान सिंह में 30 दिसंबर, 1935 को पिता रामलाल व माता द्वारकी देवी के घर पैदा हुए बलबीर निर्दोष का अक्सर होशियारपुर अड्डा चौक में स्थित व्यंगकार एवं लेखक दीपक जालंधरी के साथ बैठे हुए और कथा साहित्य पर चर्चा के करते हुए आमना सामना हो जाता था। आज जब अभी अपनी जिंदगी के 85 वें वर्ष के पहले दो महीने पूरे पाए थे, उन्हें उसी माता रानी का बुलावा आगया जिसकी सेवा में उन्होंने अपनी सारी उम्र गुजार दी। उन्होंने हजारों की संख्या में भजन, गीत लिखे और इनको अमर कर दिया महान गायिका लता मंगेशकर, सोनू निगम, अलका यागणिक, अनुराधा पौड़वाल और उनके सबसे करीबी नरेंद्र चंचल ने। उनकी लेखनी की मिसाल देना ठीक उस तरह ही होगी जैसे सूरज को दीपक दिखाना। 1992 में अपनी पत्नी के निधन के बाद गरीबी से जूझ रहे बलबीर निर्दोष ने सोनू निगम की कैसेट के लिए भेटें लिखीं। इसमें अपने दर्द को ‘कभी फुर्सत हो तो जगदंबे निर्धन के घर भी आ जाना’ के साथ बयां किया। गुलशन कुमार ने इन्हें पुरस्कार के रूप में कार भी भेंट की। 1993 में नरेंद्र चंचल के उस्ताद चमन लाल जोशी के निधन के बाद वह उनके साथ भी जुड़ गए। नरेंद्र चंचल के लिए बलबीर ने ‘मां ने आप बुलाया है हुन मौजां ही मौजां’ सहित कई नामी भेटें लिखीं। बलवीर निर्दोष ने सिद्ध शक्तिपीठ मां त्रिपुरमालिनी के दरबार में चालीसा, आरती व अरदास का लेखन भी किया है। 40 से अधिक अमृतवाणियां लिखकर इतिहास रचने वाले शहर के रहने वाले बलबीर निर्दोष की लेखनी का बॉलीवुड भी मुरीद रहा है। बलबीर निर्दोष के लिखे हुए भजनों को नरेंद्र चंचल या अनूप जलोटा ही नहीं बल्कि लता मंगेशकर, आशा भोसले, साधना सरगम, अनुराधा पौडवाल तक ने अपने स्वर दिए। रिचा शर्मा, हरिओम शरण, ऊषा मंगेशकर, अलका याग्निक, महेंद्र कपूर, सोनू निगम, मोहम्मद अजीज, मनहर उदास, सुखविंदर सिंह, उदित नारायण, सुरेश वाडेकर, नितिन मुकेश, विपिन सचदेवा, शैलेंद्र भारती, मिलन सिंह तथा रेखा राव सहित कई अन्य नामी गायकों ने भी उनके लिखे भजन गाए हैं। भारत रत्न से अलंकृत प्रसिद्ध गायिका लता मंगेशकर ने अपने जीवन में केवल एक ही मां की भेटों की कैसेट ‘जगराता’ निकाली थी। इसकी सभी 20 भेटें बलबीर निर्दोष ने ही लिखी थी।

कोई टिप्पणी नहीं

job

💼 नवीनतम जॉब पोस्ट

Current Affairs

📰 करंट अफेयर्स से जुड़ी ताज़ा पोस्ट


Blogger द्वारा संचालित.