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कम मेहनत में इस बिजनेस से कमाएं सालाना 25 लाख रुपये, जानिए कैसे शुरू करें?


अगर आप भी कोई बिजनेस शुरू करने की सोच रहे हैं तो आज हम एक ऐसे बिजनेस आइडिया के बारे में बताने जा रहे हैं जिसकी डिमांड हमेशा रहती है और नुकसान भी न के बराबर होता है। हम बात कर रहे हैं आलू की खेती की, जी हां आप जानते हैं आलू जिसे सब्जियों का राजा कहा जाता है। इसकी मांग 12 महीने तक बनी रहती है, जिससे नुकसान की कोई संभावना नहीं है। कई किसान आलू की खेती कर लाखों रुपये कमा रहे हैं। ऐसे में आज हम आपको बताएंगे कि कैसे हम कम लागत में लाभदायक आलू की खेती कर सकते हैं।

आलू किस मिट्टी में उगते हैं?

वैसे तो आलू को किसी भी मिट्टी(क्षारीय के अलावा) में बोया जा सकता है, लेकिन इसकी सबसे अच्छी रेतीली-दोमट मिट्टी होती है। इसके अलावा ऐसी भूमि का चयन करना होगा, जहां जल निकासी की सुविधा हो। साथ ही अच्छी उपज के लिए रोगमुक्त बीजों की भी आवश्यकता होती है। साथ ही समय-समय पर कीटनाशकों और उर्वरकों का उपयोग करना भी आवश्यक है। इससे पौधे पर कीड़े नहीं लगते और आलू के पौधे भी काफी उन्नत होते हैं।

बोने का सही तरीका

आलू की फसल लगाते समय हमेशा उनके बीच की दूरी का ध्यान रखें, जिससे पौधों को प्रकाश, पानी और पोषक तत्व आसानी से मिल सके। विशेषज्ञों के अनुसार, आलू की क्यारियों के बीच की दूरी कम से कम 50 सेमी और दो पौधों के बीच की दूरी 20-25 सेमी होनी चाहिए। यदि आप इससे कम दूरी रखेंगे तो आलू का आकार छोटा होगा और अधिक दूरी रखने पर आकार बड़ा होगा, लेकिन उपज कम होगी। ऐसे में दूरी का खास ख्याल रखना जरूरी है। बता दें कि एक बीघा जमीन में 5-6 क्विंटल बीज की जरूरत होती है।

खाद्य-उर्वरक और सिंचाई 

आलू की खेती में खाद्य-उर्वरक का उपयोग बहुत आवश्यक है, इस कारण फसल में नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश पर्याप्त मात्रा में डालें। इससे पौधे की पत्तियां तो बढ़ती ही हैं, साथ ही उनके कंदों की जड़ का आकार भी तेजी से बढ़ता है। वहीं सिंचाई की बात करें तो जब पौधे बड़े हो जाएं तो पहली बार पौधों को 15 दिन बाद दोबारा पानी देना चाहिए। आलू की खेती में पानी देने की यह प्रक्रिया हर 10 से 12 दिन में दोहरानी चाहिए। पूर्वी भारत में अक्टूबर से जनवरी के बीच बोई जाने वाली आलू की फसल में 6 से 7 बार सिंचाई होती है।

आप अपनी फसल कहां बेच सकते हैं?

आप अपनी फसल को मंडी में भी बेच सकते हैं, लेकिन यहां दिक्कत यह है कि आढ़तियों और बिचौलियों के कारण आपको सही दाम नहीं मिल पाता है, इसलिए यदि आप ऐसे निर्माताओं से संपर्क कर सकते हैं, जो आलू और उससे संबंधित उत्पाद बनाती है। इंटरनेट पर आपको सरकारी विभागों और वेबसाइटों के अलावा कुछ निजी कंपनियों के बारे में भी जानकारी मिल जाएगी। लेकिन अगर आप देश के बड़े निर्माताओं को एक जगह ढूंढना चाहते हैं तो आप आलूप्रो डॉट कॉम पर जा सकते हैं।

आप इन कंपनियों से संपर्क कर सकते हैं

आईटीसी, बीकानेर, बीकानो समेत कुछ बड़ी कंपनियां आलू के चिप्स और संबंधित कारोबार करती हैं। अगर किसान इन कंपनियों से सीधे संपर्क करें तो अच्छी कीमतें मिल सकती हैं।

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